Bihar Budget 2025: बिहार विधानसभा में अगले वित्तीय वर्ष 2025 का बजट पेश किया गया। बिहार के वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने दूसरी बार राज्य का बजट पेश किया। अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि 2025-26 में 3 लाख 17 हजार करोड़ का बजट आकार होगा। चुनावी साल को देखते हुए नीतीश सरकार ने बिहार के लोगों पर सौगातों की बौछार कर दी है। बजट में कई बड़े ऐलान किए गए हैं। लेकिन विपक्ष इसे लेकर सवाल उठा रहा है। बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस बजट बेकार का बजट बताया।
तेजस्वी यादव ने कहा कि यह बिहार के हित में नहीं है। सत्ता में बैठे लोगों को बिहार की तरक्की कैसे हो इसकी चिंता नहीं है। अब हम सत्ता में बैठे लोगों का पोल खोलने का काम करेंगे। मीडिया से बातचीत करते हुए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार प्रति व्यक्ति आय और किसानों की आय में काफी पीछे है। सबसे ज्यादा बेरोजगारी और गरीबी में बिहार में है। नौकरी और रोजगार कैसे बढे, पेपर लीक कैसे रुके इसकी चर्चा बजट में नहीं की गयी है। लॉ एन्ड ऑर्डर पर भी चर्चा नहीं की गयी।
पुलिस का मॉडर्नाइजेशन कैसे हो इसके बारे में कोई चर्चा बजट में नहीं की गयी। लोगों का पलायन को कैसे रुके इसकी भी चर्चा नहीं की गयी। दिव्यांग भाईयों की ना तो चर्चा हुई और ना ही महिलाओं को आर्थिक न्याय देने की बारे में कोई चर्चा की गयी। महिलाओं के लिए पिंक बस चलाने की योजना पर तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार ट्रांसपोर्ट का बस तो ठीक से चल नहीं पाता है ये पिंक बस चलाएंगे। तेजस्वी ने कहा कि यह बेकार का बजट है बिहार के हित में नहीं है।
बिहार की तरक्की कैसे हो इन लोगों को चिंता नहीं है। अब हम इन लोगों का पोल खोलने का काम करेंगे। झूठ का पुलिंदा चलने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने गुजरात को क्या-क्या दिया और बिहार को केन्द्र ने कितना दिया इसकी भी चर्चा होनी चाहिए। इस सरकार से बिहार की जनता मायूस तो पहले से थी अब इस बजट से सरकार से विश्वास लोगों का उठ चुका है।
तेजस्वी ने कहा कि मैंने पहले ही इस बात की चर्चा कि थी कि यदि माई बहन मान योजना की कॉपी सरकार करना चाहती है तो कर लें। यह बात तो हमने पहले ही कहा था। महंगाई और गरीबी पर कोई काम नहीं किया जा रहा है। महिलाओं को आर्थिक न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाएंगे। वही सीएम नीतीश को लेकर कहा कि नीतीश जैसा कोई मिमिक्रि नहीं कर सकता। वही एनडीए पर कहा नियम कायदा से एनडीए के लोगों को मतलब नहीं है इसी को गुंडाराज और तानाशाही करते हैं।


