ब्रेकिंग
इलाज के नाम पर हैवानियत, बीमार बच्चों को पैरो से पकड़कर ज़मीन पर पटकता रहा तांत्रिक... वीडियो देख कांप जाएगी रूह✦कानाफूसी: सचिवालय के 'साहेब' का वसूली गैंग! बॉडीगार्ड-रिश्तेदार से लेकर स्वधर्म वाले शख्स को दिया जिम्मा, सिफारिशी पोस्टिंग वाले निशाने पर...'लक्ष्मी' रिलीज करने का भारी दबाव✦‘तटबंध का पक्कीकरण नहीं हुआ तो अगला चुनाव नहीं लड़ूंगा’, बीजेपी विधायक ने कर दिया एलान✦UG Admission से चूके छात्रों को मिला एक और मौका! बिहार के कॉलेजों में स्पॉट एडमिशन शुरू, यह है आखिरी तारीख✦दिवाली-छठ पर दिल्ली से पटना के लिए चलेगी वंदे भारत स्पेशल? रेलवे ने भेजा प्रस्ताव, जानें रूट और शेड्यूल✦इलाज के नाम पर हैवानियत, बीमार बच्चों को पैरो से पकड़कर ज़मीन पर पटकता रहा तांत्रिक... वीडियो देख कांप जाएगी रूह✦कानाफूसी: सचिवालय के 'साहेब' का वसूली गैंग! बॉडीगार्ड-रिश्तेदार से लेकर स्वधर्म वाले शख्स को दिया जिम्मा, सिफारिशी पोस्टिंग वाले निशाने पर...'लक्ष्मी' रिलीज करने का भारी दबाव✦‘तटबंध का पक्कीकरण नहीं हुआ तो अगला चुनाव नहीं लड़ूंगा’, बीजेपी विधायक ने कर दिया एलान✦UG Admission से चूके छात्रों को मिला एक और मौका! बिहार के कॉलेजों में स्पॉट एडमिशन शुरू, यह है आखिरी तारीख✦दिवाली-छठ पर दिल्ली से पटना के लिए चलेगी वंदे भारत स्पेशल? रेलवे ने भेजा प्रस्ताव, जानें रूट और शेड्यूल

सुशील मोदी जिसे शरारत बता रहे एडीजी उसे खतरा, आखिर कौन सच्चा और कौन झूठा ?

PATNA : संघ और उसके सहयोगी संगठनों के पदाधिकारियों की मॉनिटरिंग स्पेशल ब्रांच से कराए जाने के मामले में नया सवाल खड़ा हो गया है। 28 मई को पटना स्पेशल ब्रांच के एसपी की तरफ से पत्र जार

FirstBihar
Admin
2 मिनट
PATNA : संघ और उसके सहयोगी संगठनों के पदाधिकारियों की मॉनिटरिंग स्पेशल ब्रांच से कराए जाने के मामले में नया सवाल खड़ा हो गया है। 28 मई को पटना स्पेशल ब्रांच के एसपी की तरफ से पत्र जारी करते हुए संघ और उसके 19 सहयोगी संगठनों के पदाधिकारियों का विस्तृत ब्योरा इकट्ठा करने का आदेश दिया गया था। 48 दिन बाद यह पत्र सामने आने के बाद बिहार की सियासत में नया बवंडर खड़ा हो गया। मामला संघ से जुड़ा था लिहाजा आनन-फानन में स्पेशल ब्रांच के एडीजी ने प्रेस वार्ता बुलाकर इस पर सफाई दी स्पेशल ब्रांच के एडीजी जीएस गंगवार ने यह खुलासा कर दिया कि बिहार के अंदर संघ और उसके सहयोगी संगठनों के पदाधिकारियों की सुरक्षा को लेकर खतरे का इनपुट मिला था। एडीजी की प्रेस वार्ता से ठीक पहले डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने ट्वीट किया कि बिहार के मुख्यमंत्री, डीजीपी और एडीजी को स्पेशल ब्रांच के आदेश के बारे में कोई जानकारी नहीं है। सुशील मोदी ने लिखा कि शरारत करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। स्पेशल ब्रांच के आदेश को लेकर सुशील मोदी और एडीजी जीएस गंगवार के बयान अलग-अलग हैं। एडीजी जहां इसे संघ के पदाधिकारियों पर खतरे का इनपुट बता रहे हैं तो वहीं डिप्टी सीएम शरारत। अब ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि दोनों में से सच कौन और झूठ कौन बोल रहा है? दोनों के परस्पर विरोधी बयान इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि कोई न कोई जो जरूर बोल रहा है। जाहिर है मामला सियासी है। बीजेपी भले ही बिहार में सत्ता की भागीदार हो लेकिन उसके नेताओं को भी पता है कि जब मामला संघ का हो तो फिर बात बिगड़ने में देर नहीं लगती।
रिपोर्टिंग
7

रिपोर्टर

7

FirstBihar संवाददाता