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सच हो रही कुशवाहा की बात : नागालैंड में फेल हुए JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, क्या नीतीश लेंगे बड़ा फैसला ?

PATNA : पिछले दिनों नागालैंड विधानसभा में 60 सीटों पर चुनाव हुए और इसका परिणाम भी घोषित कर दिया गया है। परिणाम आने

सच हो रही कुशवाहा की बात : नागालैंड में फेल हुए JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, क्या नीतीश लेंगे बड़ा फैसला ?
Tejpratap
Tejpratap
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PATNA : पिछले दिनों नागालैंड विधानसभा में 60 सीटों पर चुनाव हुए और इसका परिणाम भी घोषित कर दिया गया है। परिणाम आने के बाद यहां बीजेपी गठबंधन के साथ सरकार बना ली है। इस दौरान सबसे बड़ी बात यह है कि यहां 8 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू महज 1 सीटों पर सिमट कर रह गई और वह भी बिना कोई शर्त भाजपा को अपना समर्थन दे दिए हैं। इसके साथ ही जेडीयू ने नगालैंड में अपनी राज्य इकाई को भंग कर दिया। जिसके बाद अब पार्टी के अंदर शीर्ष नेतृत्व में घमासान मचा हुआ है और सभी लोगों के निशाने पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हुए हैं। इसके साथ ही हाल ही के दिनों में पार्टी से अलग हुए पूर्व संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की बातों को सही भी माना जा रहा है।


दरअसल, कुछ दिनों पहले जदयू से इस्तीफा देकर अपनी नई पार्टी बनाने वाले उपेंद्र कुशवाहा यही कहते हुए पार्टी से इस्तीफा दिए थे कि पार्टी में अब सब कुछ ठीक नहीं है पार्टी कमजोर हुई है। लेकिन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तरफ से उनके बयानों पर नाराजगी जाहिर की गई थी और कहा गया था कि पार्टी पहले से अधिक मजबूत हुई है और पार्टी में कई लोग जुड़े भी हैं। लेकिन जब अब नागालैंड चुनाव का परिणाम घोषित हुआ तो यह साबित हो गया कि पार्टी की वोट बैंक पहले से कम हुई है। जिसके बाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के नेता और जमीनी स्तर के नेता अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष से नाराज बताए जा रहे हैं।

 पार्टी सूत्रों के तरफ से यह कहा जा रहा है कि, जेडीयू के सर्वमान्य नेता नीतीश कुमार को भरोसा था कि नागालैंड चुनाव में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बड़ा दांव खेलेंगे और जेडीयू को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिलाएंगे। लेकिन उनके उम्मीद पर पानी फिर गया और पार्टी को पहले से भी कम सीट इस बार आई और सबसे बड़ी बात यह रही कि जीते हुए विधायक ने भी पार्टी के निर्देश के इतर जाकर बिना कोई शर्त भाजपा को अपना समर्थन देने का ऐलान कर दिया।


मालूम हो कि, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जयप्रकाश नारायण की 120वीं जयंती पर नागालैंड का दौरा किया था। नागालैंड में पार्टी की सफलता सुनिश्चित करने के लिए नीतीश कुमार ने खुद कई बार यात्रा की। इतना ही नहीं उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को यह निर्देश दिया था कि आपका पूरा प्रकाश नागालैंड चुनाव पर रहना चाहिए लेकिन इसके बावजूद पार्टी उम्मीद के मुताबिक वहां कार्य नहीं कर सकी। जिसके बाद अब पार्टी के कुछ बड़े नेताओं द्वारा यह कहा जाना शुरू कर दिया गया है कि,उपेंद्र कुशवाहा की तरफ से जो बात है जब जो को लेकर कहीं जा रही थी वह बात बिल्कुल सच है और जेडीयू पहले से कमजोर हुई है।


जानकारी हो कि, बिहार विधानसभा चुनाव में भी इस बार जेडीयू का परफॉर्मेंस काफी खराब रहा था। जदयू बिहार में 30 नंबर की पार्टी बनकर रह गई थी। हालांकि, भाजपा के साथ गठबंधन रहने के कारण जदयू ने बिहार में सरकार तो बना लिया था लेकिन उस दिन बाद उसका हियर गठबंधन टूट गया और वर्तमान में अब राजद के साथ गठबंधन बनाकर सरकार चला रही। जिसको लेकर पार्टी के पूर्व संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा लगातार सवाल उठाया और जब उनकी बात नहीं मानी गई तो उन्होंने पार्टी से इस्तीफा देकर खुद अपनी नई पार्टी बनाने का ऐलान कर लिया और विरासत बचाओ नमन यात्रा का नीतीश कुमार पर हमला भी बोला।


आपको बताते चलें कि, 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए हाल में संपन्न हुए चुनाव में जेडीयू के ज्वेंगा सेब ने त्से मिन्यु सीट से जीत हासिल की है। उन्होंने अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी आरपीआई (आठवले) उम्मीदवार लोगुसेंग सेम्प को 2,563 वोटों से हराया था। जेडीयू ने विधानसभा चुनाव में अपने आठ उम्मीदवार उतार थे। लेकिन, पार्टी ने महज एक सीट पर जीत हासिल की। जिसके बाद नीतीश कुमार कुमार काफी नाराज हो गया और उन्होंने जीते हुए प्रत्याशियों को अपनी बधाई भी नहीं दी।