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'छात्रों-अभ्यर्थियों के संघर्ष और एकजुटता की जीत हुई', सम्राट सरकार के फैसले पर बोलीं रोहिणी आचार्य

बिहार में शिक्षक अभ्यर्थियों के आंदोलन के समाप्त होने के बाद रोहिणी आचार्य ने सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अभ्यर्थियों के संघर्ष को जीत बताते हुए कहा कि जायज मांगों के लिए युवाओं की आवाज ने सरकार को फैसले लेने पर मजबूर किया।

Bihar Politics
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Politics: पिछले गई दिनों से पटना के गर्दनीबाग में आंदोलन कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों की बड़ी जीत हुई है। बिहार सरकार ने छात्रों की सभी मांगों को मान लिया है, जिसके बाद छात्रों का आंदोलन समाप्त हो गया। छात्रों और अभ्यर्थियों की इस बड़ी जीत पर लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य का रिएक्शन आया है।



रोहिणी आचार्य ने एक्स पर लिखा, “आंदोलनरत छात्रों - अभ्यर्थियों के संघर्ष और एकजुटता की जीत हुई है ... छात्रों और अभ्यर्थियों का संघर्ष हमेशा नीतिगत सुधारों , परिवर्तन और पारदर्शिता की नींव रखता है। जब युवा अपनी जायज़ मांगों के लिए एक स्वर में आवाज़ उठाते हैं, तो गूंगी - बहरी हो चुकी सरकार को भी झुकना ही पड़ता है। 



आज फिर से साबित हो गया कि जब - जब छात्र व् युवा अपने हक के लिए संगठित होते हैं, तो लोकतंत्र की सबसे मजबूत आवाज़ बनते हैं। सम्राट सरकार के द्वारा छात्रों की मांगों को मानना  केवल एक परीक्षा या फैसले तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की दिशा में एक सफल प्रयास है l



गौरतलब है कि महीनों की अनिश्चितता और सरकार के द्वारा दिए गए मानसिक - शारीरिक उत्पीड़न के बावजूद छात्रों - अभ्यर्थियों ने अपना संयम नहीं खोया और सम्राट सरकार को घुटने टेकने को मजबूर कर दियाl


यह जीत हर उस युवा - छात्र व् अभ्यर्थी के नाम है जिसने विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी वाजिब मांगों के साथ अपने संघर्ष पर विश्वास बनाए रखा।” 

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता