Bihar Politics: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने बिहार समेत कई राज्यों में संगठन में बड़ा बदलाव किया है. पार्टी ने बिहार प्रदेश अध्यक्ष के पद पर सुरेंद्र विवेक को नियुक्त किया है. इसके साथ ही मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी को पद से हटाकर राष्ट्रीय कार्यसमिति में महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है.
सुरेंद्र विवेक बेगूसराय के साहेबपुर कमाल विधानसभा क्षेत्र से दो बार लोजपा (रामविलास) के उम्मीदवार रह चुके हैं. वह भूमिहार समाज से आते हैं और पार्टी संगठन में पहले भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं. प्रदेश अध्यक्ष बनने से पहले वह पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और प्रदेश कोषाध्यक्ष की भूमिका निभा चुके हैं.
पत्रकारिता के बाद बने इंजीनियर
सुरेंद्र विवेक का राजनीतिक सफर शुरू होने से पहले पत्रकारिता से जुड़ा रहा है. इसके बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और वर्ष 1991 में दरभंगा से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. वह साहित्य से भी जुड़े रहे हैं और सामाजिक गतिविधियों में उनकी सक्रियता रही है.
56 वर्षीय सुरेंद्र विवेक बेगूसराय जिले के बलिया क्षेत्र स्थित भगवानपुर प्रशांत नगर के रहने वाले हैं. स्थानीय स्तर पर उनकी पहचान एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी रही है. उनकी पत्नी सुनीता पेशे से चिकित्सक हैं.
पार्टी में पहले भी संभाल चुके हैं अहम जिम्मेदारी
सुरेंद्र विवेक को लोजपा (रामविलास) ने इससे पहले बिहार चुनाव अभियान की जिम्मेदारी भी सौंपी थी. संगठन में काम करने के दौरान उन्होंने प्रदेश प्रवक्ता और प्रदेश कोषाध्यक्ष के तौर पर भी जिम्मेदारी निभाई है. साहेबपुर कमाल विधानसभा क्षेत्र से वह दो बार पार्टी के उम्मीदवार भी रह चुके हैं.
पार्टी की ओर से बिहार प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद अब उनके सामने संगठन को और मजबूत करने तथा पार्टी के आधार को विस्तार देने की चुनौती होगी.
राजू तिवारी को मिली नई जिम्मेदारी
बिहार प्रदेश अध्यक्ष रहे राजू तिवारी को पार्टी ने राष्ट्रीय कार्यसमिति में महासचिव की जिम्मेदारी दी है. यानी प्रदेश संगठन की कमान अब सुरेंद्र विवेक के हाथों में होगी, जबकि राजू तिवारी राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी संगठन में अपनी भूमिका निभाएंगे.
कई राज्यों में बदले प्रदेश अध्यक्ष
लोजपा (रामविलास) ने बिहार के साथ-साथ झारखंड समेत कई राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों में बदलाव किया है. आने वाले समय में देश के आठ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में पार्टी के इन संगठनात्मक बदलावों को चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है.
सुरेंद्र विवेक के सामने अब बिहार में पार्टी संगठन को मजबूत करने, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने और अलग-अलग क्षेत्रों में पार्टी की गतिविधियों को विस्तार देने की जिम्मेदारी होगी. बेगूसराय और मुंगेर प्रमंडल क्षेत्र में उनके पुराने राजनीतिक और सामाजिक संपर्कों को भी संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.





