Bihar Politics: ‘बेटी की कराह बहुत भारी पड़ती है’, रोहिणी आचार्य के परिवार और पार्टी छोड़ने पर JDU ने लालू को किया सचेत

Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद लालू परिवार में विवाद बढ़ गया है. आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने परिवार और आरजेडी छोड़ दिया है. इसके लेकर JDU ने लालू को सचेत किया है.

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Sat, 15 Nov 2025 04:05:57 PM IST

Bihar Politics

- फ़ोटो Google

Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद लालू परिवार में विवाद बढ़ गया है। लालू प्रसाद की बेटी ने तेजस्वी यादव के सलाहकार और आरजेडी सांसद संजय यादव पर आरोप लगाते हुए परिवार और पार्टी दोनों को छोड़ने का एलान कर दिया है। रोहिणी के इस फैसले से बिहार में सियासत तेज हो गई है। जेडीयू ने आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव को सचेत किया है।


दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी के बेहद खराब प्रदर्शन के बाद उसका साइड इफेक्ट सामने आने लगा है। लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने पार्टी की दुर्गति के लिए तेजस्वी यादव के करीबियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए एलान कर दिया है कि वह लालू फैमिली से न सिर्फ नाता तोड़ रहीं हैं बल्कि राजनीति करना भी छोड़ देंगी।


रोहिणी आचार्य के इस एलान के बाद बिहार में सियासत शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडीयू ने रोहिणी आचार्य के इस फैसले को लेकर आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव को सचेत किया है और कहा है कि बेटी की कराह बहुत भारी पड़ती है, इसलिए अभी भी समय है परिवार को संभाल लें।


जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि राजद एक पारिवारिक पार्टी है और परिवार का अंदरूनी कलह उभरकर सामने आया है। जिस बेटी रोहिणी ने अपने पिता की जान बचाने के लिए अपनी परवाह किए बिना अपनी किडनी निकालकर दे दी, उस बेटी के मुंह से कराह निकल रहा हो, जिस भाई की कलाई में राखी बांधी आज उस परिवार और पार्टी को अलविदा कह रही है।


उन्होंने आगे कहा कि लालू प्रसाद और राबड़ी देवी सवाल के घेरे में हैं। लालू जी राजनीति के धृतराष्ट्र हो गए कि सबकुछ जानने हुए भी खामोश क्यों हो गए हैं? आप अगर अपनी भूमिका अदा नहीं करेंगे तो रोहिणी के द्वारा आपके जान को बचाने के लिए दी गई कुर्बानी भी आपके लिए अपराध हो जाएगा। बेटी की कराह बहुत भारी पड़ती है। अभी भी समय है परिवार की राजनीति का कुनबा तो बिखर ही गया, अब परिवार का भी कुनबा बिखर जाएगा।