pm modi : पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की सत्ता पर कब्जा जमाया। 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटों की प्रचंड जीत के बाद बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस के 15 साल पुराने शासन का अंत कर दिया। कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। लेकिन इस पूरे समारोह में सबसे भावुक और चर्चित पल वह रहा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच पर मौजूद 98 वर्षीय वरिष्ठ बीजेपी नेता माखनलाल सरकार के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया।
जैसे ही प्रधानमंत्री मंच पर पहुंचे, वहां मौजूद हजारों समर्थकों ने ‘जय श्री राम’ और ‘मोदी-मोदी’ के नारों से पूरा मैदान गुंजा दिया। मंच पर पहुंचते ही प्रधानमंत्री मोदी सीधे माखनलाल सरकार के पास गए। उन्होंने झुककर उनके चरण स्पर्श किए और फिर उन्हें गले से लगा लिया। यह दृश्य इतना भावुक था कि मंच पर मौजूद कई नेताओं की आंखें नम हो गईं। प्रधानमंत्री काफी देर तक उनसे बातचीत करते रहे और उनके संघर्षों को याद किया।
बीजेपी के लिए माखनलाल सरकार सिर्फ एक वरिष्ठ नेता नहीं, बल्कि पार्टी की विचारधारा और संघर्ष के प्रतीक माने जाते हैं। पार्टी ने सत्ता में आने के बाद उन्हें मंच पर विशेष स्थान देकर यह संदेश देने की कोशिश की कि बीजेपी अपने पुराने कार्यकर्ताओं और विचारधारा के योद्धाओं का सम्मान करना जानती है।
माखनलाल सरकार का राजनीतिक जीवन संघर्षों से भरा रहा है। राष्ट्रवादी आंदोलन के शुरुआती दौर से ही वे सक्रिय रहे। वर्ष 1952 में कश्मीर में भारतीय तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान वे जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ थे। इसी आंदोलन में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। उस दौर में देश की अखंडता और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर उन्होंने लंबा संघर्ष किया।
बाद में जब 1980 में भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ, तब माखनलाल सरकार ने पश्चिम बंगाल में पार्टी को मजबूत करने की जिम्मेदारी संभाली। वे पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों के संगठनात्मक समन्वयक बनाए गए। उस समय बंगाल में बीजेपी का जनाधार बेहद कमजोर था, लेकिन उन्होंने गांव-गांव जाकर पार्टी को खड़ा करने का काम किया। सिर्फ एक साल में लगभग 10 हजार नए सदस्यों को पार्टी से जोड़ने का रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज हुआ।
1981 से लगातार सात वर्षों तक उन्होंने जिला अध्यक्ष के रूप में काम किया। उस दौर में बीजेपी में किसी नेता का लंबे समय तक एक ही संगठनात्मक पद पर बने रहना असाधारण माना जाता था। लेकिन माखनलाल सरकार की मेहनत और संगठन क्षमता को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन पर लगातार भरोसा जताया।
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी के साथ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद थे। समारोह स्थल पर पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी सुबह करीब 10 बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे। वहां से हेलीकॉप्टर के जरिए वे रेस कोर्स मैदान पहुंचे और फिर सड़क मार्ग से ब्रिगेड परेड ग्राउंड पहुंचे। रास्तेभर बीजेपी समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया।
प्रधानमंत्री का काफिला जैसे ही समारोह स्थल के पास पहुंचा, हजारों समर्थक हाथों में बीजेपी के झंडे लेकर नारे लगाने लगे। प्रधानमंत्री मोदी ने खुले वाहन में खड़े होकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। पूरा ब्रिगेड परेड ग्राउंड भगवा रंग में रंगा नजर आया।
सुबह से ही राज्य के अलग-अलग जिलों से हजारों कार्यकर्ता और समर्थक समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। बीजेपी की ऐतिहासिक जीत को लेकर कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ चुनावी जीत नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत है।
बीजेपी की इस जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए भी बेहद अहम माना जा रहा है। लंबे समय से पार्टी पश्चिम बंगाल में अपनी जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही थी। आखिरकार इस चुनाव में बीजेपी ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए राज्य की सत्ता अपने नाम कर ली। शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही बंगाल में पहली बार बीजेपी सरकार का गठन हो गया है।



