ब्रेकिंग
सहरसा में कफ सिरप तस्कर को 10 साल की सजा, 5 लाख रुपये का भी जुर्मानाEO विमल हत्याकांड: CM से मिली मृतक की पत्नी, सम्राट चौधरी ने स्पीडी ट्रायल चलाने का दिया निर्देशपरिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानासहरसा में कफ सिरप तस्कर को 10 साल की सजा, 5 लाख रुपये का भी जुर्मानाEO विमल हत्याकांड: CM से मिली मृतक की पत्नी, सम्राट चौधरी ने स्पीडी ट्रायल चलाने का दिया निर्देशपरिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्माना

विद्यापति राजकीय महोत्सव में भी नीतीश का गुणगान करते रहे मंत्री विजय चौधरी, कहा- कवि विद्यापति के सच्चे अनुयायी है CM

SAMASTIPUR: समस्तीपुर के विद्यापतिधाम में आयोजित विद्यापति राजकीय मोहत्सव के मौके पर वित्त मंत्री विजय चौधरी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गुणगान करने से नहीं चुके। उन्होंने कवि विद्य

विद्यापति राजकीय महोत्सव में भी नीतीश का गुणगान करते रहे मंत्री विजय चौधरी, कहा- कवि विद्यापति के सच्चे अनुयायी है CM
First Bihar
2 मिनट

SAMASTIPUR: समस्तीपुर के विद्यापतिधाम में आयोजित विद्यापति राजकीय मोहत्सव के मौके पर वित्त मंत्री विजय चौधरी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गुणगान करने से नहीं चुके। उन्होंने कवि विद्यापति के श्रृंगार रस से जुड़ी कविताओं में महिलाओं की महत्ता से नीतीश कुमार के महिला विकास से जोड़कर यहां तक कह दिया कि नीतीश कुमार कवि विद्यापति के सच्चे अनुयायी है।




विजय चौधरी ने महिला के विकास की बात की जाए तो देश ही नहीं आज पूरी दुनिया में नीतीश कुमार का नाम लिया जाता है। गौरतलब है कवि विद्यापति का जन्म मधुबनी जिले के विस्फी ग्राम में हुआ था। उनके बारे में कहा जाता है कि वे भगवान भोले के इतने बड़े भक्त थे कि उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान उनके घर नौकर बनकर सेवा में रहे थे। 




जब उन्हें अपना शरीर त्याग करने की इक्षा हुई तो वे गंगा के गोद मे अपना प्राण त्याग करने के लिए इसी जगह पर बैठ गए औऱ जिद पर अड़ गए कि जब वे इतनी दूर आ सकते है तो क्या मां गंगा यहां तक नही आ सकती। और यही हुआ यहां से 6 किलोमीटर दूर से मां गंगा यहां पहुंची और यह विद्यापति जी की निर्वाण स्थली बन गयी। दस साल से इसे राजकीय महोत्सव के तौर पर मनाया जाता है। 


टैग्स
रिपोर्टिंग
R

रिपोर्टर

RAMESH SHANKAR

FirstBihar संवाददाता