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शराबबंदी को सफल बनाने के लिए नीतीश ने ज़ीरो से की शुरुआत, केके पाठक को फिर से मिली जिम्मेदारी

PATNA: बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिस चेहरे पर सबसे पहले भरोसा करते हुए शराबबंदी को सफल बनाने का जिम्मा दिया था अब एक बार फिर उसी चेह

शराबबंदी को सफल बनाने के लिए नीतीश ने ज़ीरो से की शुरुआत, केके पाठक को फिर से मिली जिम्मेदारी
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिस चेहरे पर सबसे पहले भरोसा करते हुए शराबबंदी को सफल बनाने का जिम्मा दिया था अब एक बार फिर उसी चेहरे को बड़ी भूमिका दी गई है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस लौंटे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी केके पाठक को राज्य सरकार ने निबंधन उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग का अपर मुख्य सचिव नियुक्त किया है।


केके पाठक इसके पहले भी इस विभाग में योगदान दे चुके हैं। बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद साल 2016 में केके पाठक को यह जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन बाद में उन्हें इस पद से हटा दिया गया था। अब एक बार फिर केके पाठक के कंधे पर बिहार में शराबबंदी को सफल बनाने का जिम्मा होगा।


राज्य सरकार की तरफ से जो अधिसूचना जारी की गई है उसके मुताबिक केके पाठक को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस आने के बाद अब अपर मुख्य सचिव निबंधन उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग पटना के पद पर पदस्थापित किया गया है। अब तक इस विभाग का प्रभार चैतन्य प्रसाद के पास था अब उन्हें अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।


1990 बैच के आईएएस अधिकारी केके पाठक बेहद सख्त मिजाज के माने जाते हैं। बिहार में शराबबंदी लागू करने के बाद नीतीश कुमार ने इन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी थी। तब बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने केके पाठक के ऊपर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जिसके बाद केके पाठक ने उन्हें लीगल नोटिस तक भेज दिया था।


बिहार सरकार ने इसके अलावे आईएएस अधिकारी प्रदीप कुमार झा को मणिपुर कैडर के लिए रिलीव कर दिया है। जबकि आईएएस अधिकारी संजय कुमार सिंह को प्रबंध निदेशक बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वे स्वास्थ्य विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात हैं।

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