ब्रेकिंग
‘जहां जीतेंगे, वहां 10 हजार नौकरी देंगे’, MLC उम्मीदवारों की घोषणा के बाद प्रशांत किशोर का बड़ा एलानBihar MLC Election : MLC चुनाव में जन सुराज की एंट्री, दरभंगा से पटना तक 5 उम्मीदवार मैदान में; देखें पूरी लिस्टBihar MLC Election 2026 : अनंत सिंह की बगावत के बाद एक्शन में नीतीश कुमार, नीरज की जीत के लिए चला 'अमोघ अस्त्र'! ललन सिंह से मुलाकात के बाद क्या बदलेगा खेल?अनंत-नीरज की लड़ाई में क्यों चुप हैं नीतीश कुमार? ‘पंच परमेश्वर’ बनने से क्यों बच रहे JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कहीं यह सोची-समझी रणनीति तो नहीं?Bihar News : डायल-112 टीम पर हमला पड़ेगा महंगा, थानेदार पर होगी कार्रवाई; बिहार पुलिस मुख्यालय का सख्त आदेश‘जहां जीतेंगे, वहां 10 हजार नौकरी देंगे’, MLC उम्मीदवारों की घोषणा के बाद प्रशांत किशोर का बड़ा एलानBihar MLC Election : MLC चुनाव में जन सुराज की एंट्री, दरभंगा से पटना तक 5 उम्मीदवार मैदान में; देखें पूरी लिस्टBihar MLC Election 2026 : अनंत सिंह की बगावत के बाद एक्शन में नीतीश कुमार, नीरज की जीत के लिए चला 'अमोघ अस्त्र'! ललन सिंह से मुलाकात के बाद क्या बदलेगा खेल?अनंत-नीरज की लड़ाई में क्यों चुप हैं नीतीश कुमार? ‘पंच परमेश्वर’ बनने से क्यों बच रहे JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कहीं यह सोची-समझी रणनीति तो नहीं?Bihar News : डायल-112 टीम पर हमला पड़ेगा महंगा, थानेदार पर होगी कार्रवाई; बिहार पुलिस मुख्यालय का सख्त आदेश

शराबबंदी के लिए नीतीश सरकार के हेल्पलाइन नंबर पर मिलने वाली सूचना में से लगभग 90 फीसदी गलत, कई जिलों से कॉल ही नहीं आ रही

<span style='font-size:16px;font-family:"Arial","sans-serif";color:#1

शराबबंदी के लिए नीतीश सरकार के हेल्पलाइन नंबर पर मिलने वाली सूचना में से लगभग 90 फीसदी गलत, कई जिलों से कॉल ही नहीं आ रही
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

PATNA: बिहार में शराब पकड़ने के लिए नीतीश कुमार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। पूरे राज्य में इन हेल्पलाइन नंबरों के बैनर-होर्डिंग लगे हैं। सरकारी बसों पर नंबर लिखा हुआ है। होटलों से लेकर बैंक्वेट हॉल तक में इन हेल्पलाइन नंबर को हर हाल में लिखने का सरकारी फरमान जारी है। लेकिन सरकार के हेल्पलाइन नंबर पर मिलने वाली लगभग 90 प्रतिशत सूचना गलत साबित हो रही है। 


118 सूचनायें आयी लेकिन 15 ही सही निकली

एक दैनिक अखबार ने राज्य सरकार को हेल्पलाइन नंबर पर मिल रही सूचनाओं का आंकड़ा दिया है. उसके मुताबिक औसतन 10 फीसदी मामलों में ही शराब रिकवरी हो पा रही है। उदाहरण के लिए हेल्पलाइन नंबर पर 24 दिसंबर को आयी खबर और उसका हश्र देख लीजिये. उस दिन हेल्पलाइन नंबर पर शऱाब से जुडी 118 सूचनायें आयी. खबर मिलते ही उन सभी जगहों पर छापेमारी की गयी. लेकिन 118 स्थानों में से सिर्फ 15 जगहों पर ही शराब की रिकवरी हुई. बाकी 103 जगह पर शराब की बरामदगी या शराबी की गिरफ्तारी नहीं हुई। 


कई जिलों से नहीं आ रहे कॉल

राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर को पूरे बिहार में जमकर प्रचारित कराया है. होर्डिंग-बैनर लगाये गये हैं. सरकार के हर संस्थान पर नंबर डिस्प्ले किया गया है. होटलों को सख्त निर्देश है कि वे अपने रिसेप्शन काउंटर से लेकर दूसरे प्रमुख जगहों पर शराब पकडवाने वाला नंबर लगायें वर्ना उनका होटल ही बंद करा दिया जायेगा. लेकिन राज्य के कई जिलों से फिर महीने में 15-20 दिनों तक कोई खबर ही नहीं आयी.


राज्य के मद्य निषेध विभाग ने पिछले एक महीने में हेल्पलाइन नंबरों पर आयी शराब की सूचना का जिलावार आंकड़ा दिया है. ये आंकड़ा बताता है कि कई जिलों से खबर ही नहीं आ रही है. शिवहर जिले से हेल्पलाइन नंबर पर एक महीने में सिर्फ 10 सूचना आयी.  किशनगंज जिले से एक महीने में सिर्फ 14 लोगों ने कॉल किया. नवगछिया पुलिस जिले से सिर्फ 15 और कैमूर और बगहा से एक महीने में 17-17 शिकायतें ही मिली. इसी तरह लखीसरायसारणबक्सरअरवलमुंगेर जैसे जिलों से भी काफी कम फोन कॉल आ रहे हैं. 


गया-पटना से सबसे ज्यादा फोन कॉल

सरकार के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने वालों में गया और पटना जिले के लोग सबसे ज्यादा सक्रिय है. मद्य निषेध विभाग के मुताबिक पिछले एक महीने में राज्य भर से 5611 शिकायतें मिलीं. इनमें गया औऱ पटना जिले से ही 1100 से अधिक काल आये. सबसे ज्यादा खबर गया जिले से आयी हैं. वहां से एक महीने में 590 लोगों ने शराब की शिकायत दर्ज कराई. वहीं पटना जिले से 580 लोगों ने शिकायतें दर्ज कराई। 


पटना शहरी क्षेत्र से काफी कम शिकायत मिली

मद्य निषेध विभाग के आंकड़ों को देखने के बाद ये दिखता है कि पटना जिले में आने वाली फोन कॉल में ज्यादातर कॉल ग्रामीण और बाहरी इलाकों से ही आ रही हैं. पटना शहरी इलाके से काफी कम कॉल आ रहे हैं. पिछले एक महीने में पटना पूर्वी इलाके से 189 कॉल आये जबकि पटना पश्चिमी क्षेत्र से 188 लोगों ने कॉल किया. पटना ग्रामीण इलाके से 149 शिकायतें मिलीं. लेकिन पटना मध्य जो कि मुख्य शहरी इलाका है वहां से सिर्फ 54 शिकायतें ही हेल्पलाइन नंबर पर मिली।