ब्रेकिंग
पुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबपुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायब

नियोजित टीचर को लेकर शिक्षा मंत्री का बड़ा फैसला, कहा - राज्यकर्मी का दर्जा मिलते ही मिलेगी यह बड़ी सुविधा

बिहार विधानसभा के बजट सत्र का आज 5वां दिन है। सदन में शिक्षकों की ड्यूटी टाइमिंग 9-5 बजे तक होने पर विपक्ष के विधायकों ने सवाल उठाए। जिस पर सदन में सीएम नीतीश ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कह

नियोजित टीचर को लेकर शिक्षा मंत्री का बड़ा फैसला, कहा - राज्यकर्मी का दर्जा मिलते ही मिलेगी यह बड़ी सुविधा
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

बिहार विधानसभा के बजट सत्र का आज 5वां दिन है। सदन में शिक्षकों की ड्यूटी टाइमिंग 9-5 बजे तक होने पर विपक्ष के विधायकों ने सवाल उठाए। जिस पर सदन में सीएम नीतीश ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों की स्कूल टाइमिंग बदलेंगे। 9-5 बजे तक स्कूल नहीं होना चाहिए। 10-4 बजे तक होना चाहिए। उसके बाद शिक्षा मंत्री के तरफ से भी उनके विभाग के संबधित एक सवाल पर बड़ा एलान किया गया है। यह सवाल महिला टीचरों से जुड़ा हुआ है। 


दरअसल, विधानसभा में प्रश्न उत्तर कल के दौरान राजद के विधायक ललित यादव ने शिक्षा विभाग से यह सवाल किया कि- सूबे के अंदर नियोजित महिला शिक्षकों को 730 दिन मातृत्व अवकाश मिला चाहिए ताकि वो खुद और अपने मातृत्व का भी पूरा ख्याल रखें। इन्होंने शिक्षा विभाग से सवाल किया कि - शिक्षा विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि क्या यह बात सही है कि राज्य के नियोजित शिक्षकों तथा बी०पी०एस०सी० से चयनित महिला शिक्षकों को राज्य सरकार के अन्य महिला कर्मियों की भाँति चाईल्ड केयर लीव (सी०सी०एल०) का प्रावधान नहीं किया गया है, जबकि वो भी महिला है तथा राज्य सरकार के ही कर्मी हैं, यदि हाँ, तो सरकार कबतक महिला शिक्षकों के लिये चाईल्ड केयर लीव का प्रावधान करने का विचार रखती है, नहीं, तो क्यों ?


उसके बाद राजद विधायक के सवाल का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि- मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी नियोजित शिक्षको को राज्यकर्मी का दर्जा देने का प्रावधान शुरू हुआ है। इसके बाद जैसे ही महिला शिक्षिका राज्यकर्मी दर्जा हासिल कर लेंगी उन्हें सुविधा मिल जाएगी। अब इसमें कहां कोई समस्या रह गई है, अब तो सबको राज्यकर्मी बनना है तो फिर यह समस्या खुद हल हो जाएगी। 


iइसका मतलब साफ है कि, राज्य सरकार हर हाल में नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने जा रही है। क्योंकि सरकार का मानना है कि शिक्षकों को 5 मौके  मिलने के बाद शायद ही कोई ऐसे शिक्षक बच जाएं जो नियोजित शिक्षक बनाकर रहें। सरकार अब नियोजित शिक्षकों को लेकर कोई नया फैसला नहीं लेने वाली है। अफसर कार्ड सीधे तौर पर इन नियोजित शिक्षकों को राज्य कर्मी बनाने का प्रावधान कर रही है और उसके बाद उन्हें भी वह सारी सुविधाएं दी जाएगी जो बिहार लोक सेवा आयोग के तरफ से बाहर शिक्षकों को मिल रही है।

इस खबर के बारे में
Tejpratap

रिपोर्टर / लेखक

Tejpratap

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें