ब्रेकिंग
बिहार के रेल यात्रियों को राहत, पूर्व मध्य रेलवे ने 5 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का बढ़ाया परिचालन, देखें पूरा शेड्यूल✦भ्रष्ट इंजीनियर पर SVU का शिकंजा: 5 ठिकानों पर छापेमारी में मिले 31.42 लाख कैश, करोड़ों की जमीन-फ्लैट; 1 करोड़ से अधिक बैंक बैलेंस✦पटना में एक साथ 8 पुलिसवाले सस्पेंड, दो लोगों को छोड़ने के बदले 11 लाख रुपये लेने का आरोप✦राजपूतों के सम्मान पर रूडी को मिला RJD का साथ, सुनील सिंह ने BJP पर बोला हमला, कहा..अपने दिल की पीड़ा को सांसद ने किया व्यक्त✦राजपूतों को कितना महत्व दे रही है भाजपा? सांसद राजीव प्रताप रूडी ने अपनी ही पार्टी पर उठाए सवाल✦बिहार के रेल यात्रियों को राहत, पूर्व मध्य रेलवे ने 5 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का बढ़ाया परिचालन, देखें पूरा शेड्यूल✦भ्रष्ट इंजीनियर पर SVU का शिकंजा: 5 ठिकानों पर छापेमारी में मिले 31.42 लाख कैश, करोड़ों की जमीन-फ्लैट; 1 करोड़ से अधिक बैंक बैलेंस✦पटना में एक साथ 8 पुलिसवाले सस्पेंड, दो लोगों को छोड़ने के बदले 11 लाख रुपये लेने का आरोप✦राजपूतों के सम्मान पर रूडी को मिला RJD का साथ, सुनील सिंह ने BJP पर बोला हमला, कहा..अपने दिल की पीड़ा को सांसद ने किया व्यक्त✦राजपूतों को कितना महत्व दे रही है भाजपा? सांसद राजीव प्रताप रूडी ने अपनी ही पार्टी पर उठाए सवाल

‘विक्षिप्त हो गए हैं नीतीश.. पद पर रहने के लायक नहीं’ सुशील मोदी बोले- मुख्यमंत्री ने दलितों का अपमान किया

PATNA: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि नीतीश कुमार ने महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी के बाद महादलित समाज के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख

‘विक्षिप्त हो गए हैं नीतीश.. पद पर रहने के लायक नहीं’ सुशील मोदी बोले- मुख्यमंत्री ने दलितों का अपमान किया
Mukesh Srivastava
2 मिनट

PATNA: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि नीतीश कुमार ने महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी के बाद महादलित समाज के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के लिए जिस तरह से आपा खो कर तुम-ताम की भाषा का प्रयोग किया, उससे साफ है कि वे विक्षिप्त हो गए हैं और संवैधानिक पद पर बने रहने के लायक नहीं हैं। पलटूराम का भाषण पूरे दलित समाज का अपमान है।


सुशील मोदी ने एक मित्र के नाते मुख्यमंत्री को सलाह दी है कि अब नीतीश कुमार को अपने उत्तराधिकारी तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंप कर आराम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने उम्र में अपने से दस साल बड़े  जीतन राम मांझी के लिए जिन अपमानजनक शब्दों का प्रयोग आंखें तरेरते हुए किया, वैसा यदि वे सदन के बाहर करते, तो उन पर दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज होता।


उन्होंने कहा कि यदि जीतन राम मांझी किसी दूसरे समुदाय के होते, तो नीतीश कुमार ऐसी गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल करने की हिम्मत नहीं करते। जदयू के लोग नीतीश कुमार के सड़क छाप बयानों का शर्मनाक बचाव करने के लिए बॉयलॉजी की पुस्तक से प्रजनन प्रक्रिया का पाठ पढाने पर उतर आये हैं। प्रधानमंत्री बनने का सपना और गलत संगत में पड़ना नीतीश कुमार के मानसिक संतुलन पर बहुत भारी पड़ रहा है।