ब्रेकिंग
बेतिया राज की 6 एकड़ जमीन की हेराफेरी: रजिस्टर-2 में फर्जीवाड़ा कर बना डाली फर्जी जमाबंदी, अब जांच का आदेशबिहार में बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दान किया एक महीने का वेतन, राहत कोष में दिए 2.70 लाखबोर्ड पर लिखा था मसाज पार्लर, अंदर चल रहा था गंदा खेल, पुलिस ने मारा छापा... संचालिका समेत 6 महिलाएं हिरासत मेंअनंत सिंह-नीरज कुमार विवाद के बीच नीतीश-ललन सिंह की मुलाकात, JDU में हलचल तेजगया सिविल कोर्ट के पास अधिवक्ताओं ने सड़क जाम कर किया विरोध-प्रदर्शन, पुलिस पर लगाया गंभीर आरोपबेतिया राज की 6 एकड़ जमीन की हेराफेरी: रजिस्टर-2 में फर्जीवाड़ा कर बना डाली फर्जी जमाबंदी, अब जांच का आदेशबिहार में बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दान किया एक महीने का वेतन, राहत कोष में दिए 2.70 लाखबोर्ड पर लिखा था मसाज पार्लर, अंदर चल रहा था गंदा खेल, पुलिस ने मारा छापा... संचालिका समेत 6 महिलाएं हिरासत मेंअनंत सिंह-नीरज कुमार विवाद के बीच नीतीश-ललन सिंह की मुलाकात, JDU में हलचल तेजगया सिविल कोर्ट के पास अधिवक्ताओं ने सड़क जाम कर किया विरोध-प्रदर्शन, पुलिस पर लगाया गंभीर आरोप

नीतीश कुमार को नोबेल पुरस्कार दिये जाने की मांग, बोले मांझी..श्रीकृष्ण बाबू के बाद सबसे ज्यादा काम करने वाले हैं मुख्यमंत्री

PATNA: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक जीतनराम मांझी ने नीतीश कुमार को नोबेल पुरस्कार दिये जाने की मांग की है। सदन में बिहार विनियोग विधेयक पर संबो

नीतीश कुमार को नोबेल पुरस्कार दिये जाने की मांग, बोले मांझी..श्रीकृष्ण बाबू के बाद सबसे ज्यादा काम करने वाले हैं मुख्यमंत्री
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक जीतनराम मांझी ने नीतीश कुमार को नोबेल पुरस्कार दिये जाने की मांग की है। सदन में बिहार विनियोग विधेयक पर संबोधन के दौरान उन्होंने यह मांग रखी। 


जीतनराम मांझी ने कहा कि बिहार केसरी और आजाद भारत में बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह के बाद यदि किसी ने सबसे ज्यादा काम किया है तो वो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं। इसलिए नीतीश कुमार को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जाए यही मेरी मांग है। सदन में उन्होंने यह मांग रखी।


हालांकि इस दौरान जीतनराम मांझी ने यह भी कहा कि सरकार से अनुरोध है कि कुछ सुधार की भी गुंजाईश है। आरक्षण आयुक्त पद विलोपित हो गया है जिसे फिर से शुरू करने की जरुरत है। गरीब छात्राओं को कॉलेजों में निशुल्क उच्च शिक्षा दी जाए। 2014-15 के अनुसार ही फिर से योजनाएं बिहार में शुरू की जाए।


जीतनराम मांझी ने यह भी कहा कि भूदान अधिशेष की जमीन परमाना जारी किया जाए। 2015 में जो दखल देहानी की जो मुहिम शुरू की गई थी उसे फिर से शुरु किया जाए। परमाना का खतियान दिया गया लेकिन कब्जा नहीं दिलाया गया। इस पर ध्यान दिया जाए। वही खगड़िया में जमीन विवाद में 80 मुसहरों का घर जला दिया गया। सरकार जमीन खरीद कर दे सकती हैं। तीन डिसमिल जमीन रहने लायक नहीं होता है इसलिए पांच डिसमिल जमीन दिया जाए। 


जीतनराम मांझी ने आगे कहा कि एसटी-एससी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट के आधार पर बेल दिया जाता हैं कार्रवाई नहीं की जाती है। एसटी-एससी आयोग के लिए विशेष एसपी बहाल किये जाने की उन्होंने बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस बहाली में एससी-एसटी कैडिडेट की लंबाई 152 सेंटीमीटर रखे जाने की बात कही। 

टैग्स
रिपोर्टिंग
G

रिपोर्टर

Ganesh Samrat

FirstBihar संवाददाता