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नीतीश की कुर्सी जाए तो जाए.. डीएसपी और थानेदार को कुछ नहीं होगा

PATNA : बीजेपी और जेडीयू के बीच सहमत का जबरदस्त खेल चल रहा है. विधानसभा में लखीसराय के सवाल को लेकर जो बवाल शुरू हुआ दरअसल वह जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह के लिए किसी नाक की लड़ाई से कम नहीं है. लखीसराय

नीतीश की कुर्सी जाए तो जाए.. डीएसपी और थानेदार को कुछ नहीं होगा
Tejpratap
Tejpratap
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PATNA : बीजेपी और जेडीयू के बीच सहमत का जबरदस्त खेल चल रहा है. विधानसभा में लखीसराय के सवाल को लेकर जो बवाल शुरू हुआ दरअसल वह जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह के लिए किसी नाक की लड़ाई से कम नहीं है. लखीसराय के एक डीएसपी और दो थानेदारों के ऊपर विधानसभा अध्यक्ष से दुर्व्यवहार का आरोप लगा था. उस मामले में सरकार आरोपी डीएसपी और थानेदारों के ऊपर कोई एक्शन नहीं लेना चाहती. इसी वजह से सारा बवाल अब बेहद आगे बढ़ चुका है. हालात ऐसे हो गए हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक सदन में स्पीकर विजय कुमार सिन्हा को खरी-खोटी सुना चुके हैं. दरअसल मामला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नीतीश कुमार के बेहद करीबी ललन सिंह के संसदीय क्षेत्र से जुड़ा हुआ है. सरकार और सियासत को समझने वाले लोग जानते हैं कि अपने संसदीय क्षेत्र में अधिकारियों की तैनाती को लेकर नेता कितने चूजी हैं. शायद इसीलिए जब स्पीकर ने डीएसपी और दो थानेदारों पर अपने साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाया तो ललन सिंह कहीं न कहीं इन पुलिस पदाधिकारियों के पीठ पर जा खड़े हुए.


लखीसराय जिले के एक डीएसपी और दो थानेदारों को लेकर बीजेपी और जेडीयू के रिश्तो में खटास कितनी बढ़ चुकी है कि अब बात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कुर्सी तक आ पड़ी है. जेडीयू अब यह बताने या जताने से पीछे नहीं रह रहा कि किसी भी कीमत पर कुर्सी और सत्ता के लिए नीतीश नीति से समझौता करेंगे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिस तरह लखीसराय के सवाल पर सदन में नाराजगी जताई उसके बाद यह तय हो गया है कि सरकार यह क्लियर मैसेज देना चाहती है कि ना तो आरोपी डीएसपी को हटाया जाएगा और ना ही दोनों थानेदारों को इस मामले पर नीतीश कुमार भी ललन सिंह के साथ खड़े हैं और जेडीयू आर या पार की लड़ाई के लिए तैयार है.


दरअसल सियासी गलियारे में इस बात की भी चर्चा है कि लखीसराय से ही विधायक निर्वाचित होकर विधानसभा अध्यक्ष बने विजय कुमार सिन्हा अक्सर ललन सिंह के करीबी पदाधिकारियों पर नजर टेढ़ी किए रहते हैं. इसके पहले भी एक पुलिस पदाधिकारी का तबादला हो चुका है. लेकिन इस बार दुर्व्यवहार का आरोप लगने के बावजूद ललन सिंह पुलिस पदाधिकारियों तो बैकअप देते नजर आ रहे हैं. चर्चा इस बात की है कि स्थानीय सांसद ने इन अधिकारियों को कह दिया है कि वह अपना काम करें और उन्हें कोई भी पद से हटाने की सकता यह सारा मामला अब नाक की लड़ाई बन चुका है लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को सदन में जो कुछ किया उसके बाद अब यह बात भी तय मानी जा रही है कि ललन सिंह इस मसले पर अब पीछे हटने वाले नहीं हैं. ऐसे में बीजेपी पूरी तरीके से खड़ी हो पाएगी, क्या बीजेपी के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस बात के लिए तैयार कर पाएगी कि लखीसराय के डीएसपी और दो थानेदारों को हटा दिया जाए. यह देखना बेहद दिलचस्प होगा.

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