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मुख्यमंत्री की नसीहत के बाद IG ने फिर किया ट्वीट, कहा-मृत्यु का भी भय नहीं, समर्थन में उतरे सुशील मोदी

PATNA: होमगार्ड एवं फायर सर्विसेज की डीजी शोभा ओहटकर पर गाली देने का आरोप आईजी विकास वैभव ने सोशल मीडिया के जरिये लगाया था। जिसके बाद विवादों में आए विकास वैभव ने मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री की नसीहत के बाद IG ने फिर किया ट्वीट, कहा-मृत्यु का भी भय नहीं, समर्थन में उतरे सुशील मोदी
Jitendra Vidyarthi
5 मिनट

PATNA: होमगार्ड एवं फायर सर्विसेज की डीजी शोभा ओहटकर पर गाली देने का आरोप आईजी विकास वैभव ने सोशल मीडिया के जरिये लगाया था। जिसके बाद विवादों में आए विकास वैभव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नसीहत के बाद फिर एक और ट्वीट किया है। इस बार भी विकास वैभव ने संस्कृत के श्लोक को पोस्ट करते हुए उसका हिंदी में अर्थ भी समझाया।


एक बार फिर ट्वीट करते हुई आईजी विकास वैभव ने यह लिखा है कि "सदयं हृदयं यस्य भाषितं सत्यभूषितम्। कायं परहितं यस्य कलिस्तस्य करोति किम् ॥"अर्थात - "जिसके हृदय में दया है, जिसकी वाणी में सत्य है, जिसके कार्य भी दूसरों के हित के लिए है, उसका काल (मृत्यु) भी क्या कर सकेगा अर्थात् ऐसे व्यक्ति को मृत्यु का भी भय नहीं होता ।"


इससे पहले 11 फरवरी को आईजी विकास वैभव ने ट्वीट करते हुए यह लिखा था कि "मूर्खस्य पञ्च चिह्नानि गर्वो दुर्वचनं तथा । क्रोधश्च दृढवादश्च परवाक्येष्वनादरः ।।"अर्थात - "एक मूर्ख के पांच लक्षण होते हैं घमण्ड, दुष्ट वार्तालाप, क्रोध, जिद्दी तर्क और अन्य लोगों के लिए सम्मान में कमी ।"


10 फरवरी को उन्होंने लिखा था कि "क्वचित् सर्पोऽपि मित्रत्वमियात् नैव खलः क्वचित्। न शोषशायिनोऽप्यस्य वशे दुर्योधनः हरेः॥" अर्थात - "कभी-कभी सर्प भी मित्र बन सकता है, किन्तु दुष्ट को कभी मित्र नहीं बनाया जा सकता । शेषनाग पर शयन करने वाले हरि का भी दुर्योधन मित्र न बन सका !" वही 9 फरवरी को ट्वीट करते हुए विकास वैभव ने लिखा कि "विद्याविनयोपेतो हरति न चेतांसि कस्य मनुजस्य। कांचनमणिसंयोगो नो जनयति कस्य लोचनानन्दम् ॥" अर्थात - "विद्यावान और विनयी मनुष्य सभी का चित्त हरण (आकर्षित) कर लेता है । जैसे स्वर्ण और मणि का संयोग सबकी आँखों को सुख प्रदान करता है ।" 


बता दें कि आईजी होमगार्ड व फायर सर्विसेज विकास वैभव ने अपने ही सीनियर आईपीएस अधिकारी शोभा ओहटकर पर यह आरोप लगाया है कि, वो इनके लिए गलत शब्दों का उपयोग करती है और उसके बाद इनपर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।  इतना ही नहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के तरफ से इशारों ही इशारों में विकास वैभव  को गलत ठहराया गया है। उसके बाद अब विकास वैभव का एक और ट्वीट ने फिर से खलबली मचा दी है। 


गौरतलब है कि होमगार्ड्स एवं फायर सर्विसेज के आईजी विकास वैभव फिलहाल तीन दिनों की छूट्टी पर हैं। दो महीने की छुट्टी के लिए उन्होंने आवेदन किया था लेकिन विभाग ने स्वीकृति नहीं दी। विकास वैभव से कारण बताओं नोटिस भेजा गया है। इधर, सोशल मीडिया पर आईपीएस विकास वैभव को अब इस मामले में युवाओं का काफी समर्थन मिलता दिख रहा है। इस बीच अब युवाओं ने विकास वैभव के समर्थन में ट्विटर पर कई हैशटैग भी शुरू कर दिया है। युवाओं द्वारा लगातार उनके समर्थन में ट्वीट और पोस्ट किए जा रहे हैं। विकास वैभव का युवाओं के बीच उनकी पुलिसिंग के कारण काफी क्रेज देखा जाता रहा है। 


वही विकास वैभव को बीजेपी सांसद सुशील कुमार मोदी का भी साथ मिल रहा है। राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि महागठबंधन की सरकार में काबिल अधिकारी प्रताड़ित किये जा रहे हैं। राजद के साथ जाने के बाद से नीतीश कुमार लगातार पुलिस अधिकारियों का मनोबल तोड़ रहे हैं। 


सुशील मोदी ने सरकार पर हमला बोलते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आईपीएस अफसरों पर नियंत्रण खत्म हो गया। मुख्यमंत्री को रूल बुक दिखाने के बजाय एक सीनियर आईपीएस की मनोदशा समझने का प्रयास करना चाहिए था। सीनियर आईपीएस अफरसों के टकराव सार्वजनिक होना प्रशासन पर मुख्यमंत्री का नियंत्रण समाप्त होने का संकेत है। 


आगे सुशील मोदी लिखते हैं कि महागठबंधन की है सरकार प्रशासन हो रहा है बेहाल। अफसरों को पता है कि उन्हें सोशल मीडिया पर क्या कहना चाहिए और क्या नहीं लेकिन जब मानसिक दबाव असहनीय हो जाता है तभी कोई सर्विस कोड का उल्लंघन करता है। सीनियर आईपीएस अफसरों का मनोबल तोड़ रहे हैं नीतीश कुमार। महागठबंधन सरकार में काबिल अफसर ही प्रताड़ित हो रहे हैं। अमित लोढा की कार्यशैली से लोग खुश थे और उन पर खाकी सीरियल बनाया गया इस पर लोढ़ा की प्रशंसा करने के बजाये उन्हें निलंबित करने की कार्रवाई शुरू की गयी। 

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