ब्रेकिंग
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी✦दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी

‘मर्यादा को लांघ रहे सीएम नीतीश.. हम उनसे हर मामले में सीनियर’ सदन में तू तड़ाक करने पर बोले मांझी

PATNA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शीतकालीन सत्र के चौथे दिन आरक्षण संशोधन विधेयक पर जिस तरीके से पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की बेइज्जती कि मांझी ने उसपर नाराजगी जताई है। सदन के बाहर

‘मर्यादा को लांघ रहे सीएम नीतीश.. हम उनसे हर मामले में सीनियर’ सदन में तू तड़ाक करने पर बोले मांझी
Mukesh Srivastava
3 मिनट

PATNA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शीतकालीन सत्र के चौथे दिन आरक्षण संशोधन विधेयक पर जिस तरीके से पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की बेइज्जती कि मांझी ने उसपर नाराजगी जताई है। सदन के बाहर आए जीतन राम मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार अपनी मर्यादा की सीमा लांघ गए हैं।


दरअसल, विधानसभा में आज आरक्षण संशोधन विधेयक पर चर्चा हो रही थी। सदन में मुख्यमंत्री के बोलने के बाद पूर्व सीएम जीतन राम मांझी आरक्षण विधेयक पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि बेशक आरक्षण को बढ़ा दीजिए लेकर उसे धरातल पर उतरना चाहिए। इस दौरान मांझी ने जातीय गणना के आंकड़ों पर सवाल उठाए जिसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भड़क गए और अपनी जगह खड़े होकर जीतन राम मांझी को जो नहीं कहना चाहिए वह भी कह गए।


आपे से बाहर हुए सीएम नीतीश ने कहा कि, 'आपको बात नहीं समझ में आ रहा है.. आपको कोई आइडिया है.. ये तो मेरी गलती है कि इस आदमी को मैंने मुख्यमंत्री बना दिया था.. कोई सेंस नहीं है इसको..ऐसे ही बोलते रहता है.. कोई मतलब नहीं है.. हम कह रहे थे कि आपही लोगों के साथ रहिए और भागकर चला आया था सात पार्टी में.. यही जानकर हम भगा दिए उधर..सारे लोग समर्थन कर रहे हैं.. इसको कोई सेंस है.. भूलिए मत 13 में जब आप लोगों को छोड़ दिए थे.. और इ अकेले थे तो हम इसको बना दिए.. जितना हमारी पार्टी का लोग था सब हमको दो ही महीना में कहने लगा कि इ गड़बड़ है... इसको हटाइए.. अंत में हमको बाध्य किया तो फिर हम बन गए थे.. और कहता रहता है कि ये भी मुख्यमंत्री थे.. ये कहां मुख्यमंत्री था ये तो मेरी मुर्खता से मुख्यमंत्री बना'।


सीएम की बातों से मर्माहत जीतन राम मांझी ने सदन से बाहर निकलने के बाद सीएम की बातों पर नाराजगी जताई और कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मर्यादा को लांघ रहे हैं। हम उनसे चार साल बड़े हैं और राजनीतिक जीवन में भी वो 1985 में आए, हम 90 से ही राजनीति कर रहे हैं। हम हर मामले में उनसे सीनियर हैं और तुम तड़ाक बोलना ठीक नहीं है। जीतन राम मांझी ने कहा कि जिस व्यक्ति का दिमाग ही खत्म हो गया है, उसके बारे क्या कहा जा सकता है।