ब्रेकिंग
Bihar IAS News: दिल्ली में 36 IAS अफसर, बिहार में वरिष्ठ अधिकारियों का टोटा; सचिवों के भरोसे चल रहे ज्यादातर विभाग‘जहां जीतेंगे, वहां 10 हजार नौकरी देंगे’, MLC उम्मीदवारों की घोषणा के बाद प्रशांत किशोर का बड़ा एलानBihar MLC Election : MLC चुनाव में जन सुराज की एंट्री, दरभंगा से पटना तक 5 उम्मीदवार मैदान में; देखें पूरी लिस्टBihar MLC Election 2026 : अनंत सिंह की बगावत के बाद एक्शन में नीतीश कुमार, नीरज की जीत के लिए चला 'अमोघ अस्त्र'! ललन सिंह से मुलाकात के बाद क्या बदलेगा खेल?अनंत-नीरज की लड़ाई में क्यों चुप हैं नीतीश कुमार? ‘पंच परमेश्वर’ बनने से क्यों बच रहे JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कहीं यह सोची-समझी रणनीति तो नहीं?Bihar IAS News: दिल्ली में 36 IAS अफसर, बिहार में वरिष्ठ अधिकारियों का टोटा; सचिवों के भरोसे चल रहे ज्यादातर विभाग‘जहां जीतेंगे, वहां 10 हजार नौकरी देंगे’, MLC उम्मीदवारों की घोषणा के बाद प्रशांत किशोर का बड़ा एलानBihar MLC Election : MLC चुनाव में जन सुराज की एंट्री, दरभंगा से पटना तक 5 उम्मीदवार मैदान में; देखें पूरी लिस्टBihar MLC Election 2026 : अनंत सिंह की बगावत के बाद एक्शन में नीतीश कुमार, नीरज की जीत के लिए चला 'अमोघ अस्त्र'! ललन सिंह से मुलाकात के बाद क्या बदलेगा खेल?अनंत-नीरज की लड़ाई में क्यों चुप हैं नीतीश कुमार? ‘पंच परमेश्वर’ बनने से क्यों बच रहे JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कहीं यह सोची-समझी रणनीति तो नहीं?

ममता को पीएम बनाने निकले प्रशांत किशोर को पहली कोशिश में ही जोरदार झटका: त्रिपुरा निकाय चुनाव में बीजेपी की अभूतपूर्व जीत, तृणमूल इज्जत भी नहीं बचा पायी

PATNA: पूरे देश के सियासी हलके में ये चर्चा है कि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाने निकले हैं। लिहाजा बंगाल से बाह

ममता को पीएम बनाने निकले प्रशांत किशोर को पहली कोशिश में ही जोरदार झटका: त्रिपुरा निकाय चुनाव में बीजेपी की अभूतपूर्व जीत, तृणमूल इज्जत भी नहीं बचा पायी
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

PATNA: पूरे देश के सियासी हलके में ये चर्चा है कि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाने निकले हैं। लिहाजा बंगाल से बाहर कई राज्यों में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस यानि TMC पूरी ताकत से सियासी जमीन बनाने में लगी है। लेकिन बंगाल के बाहर पहले चुनाव में ही प्रशांत किशोर औऱ तृणमूल कांग्रेस को ऐसा झटका लगा है जिसकी उन्हें उम्मीद भी नहीं रही होगी। त्रिपुरा में हुए निकाय चुनाव में TMC की ऐसी बेईज्जती हुई है जैसा किसी ने सोचा भी नहीं होगा।


त्रिपुरा में बीजेपी की अभूतपूर्व जीत

हम आपको बता दें कि त्रिपुरा में स्थानीय निकायों के चुनाव हुए हैं औऱ उसमें TMC ने ऐसी ताकत झोंकी थी जैसे वह बंगाल का चुनाव लड़ रही हो। प्रशांत किशोर रणनीति तैयार कर रहे थे औऱ बंगाल से TMC के बड़े-बड़े नेता त्रिपुरा में कैंप कर रहे थे। तृणमुल कांग्रेस त्रिपुरा चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची थी औऱ वहां चुनाव ही रद्द कराने की गुहार लगायी थी। हालांकि कोर्ट ने TMC की मांग को नकार दिया था। 


आज त्रिपुरा में निकाय चुनाव का परिणाम आया। बीजेपी को ऐसी जीत मिली है जैसी किसी पार्टी को पहले कभी नहीं मिली थी। त्रिपुरा की राजधानी अगरतला समेत कुल 14 नगर निकायों में चुनाव हुए औऱ सभी पर बीजेपी ने कब्जा जमाया। स्थिति ये हुई कि निकाय चुनाव में कुल 334 सीट थे जिनमें 329 सीटें अकेले बीजेपी ने जीती। बीजेपी के बाद दूसरे नंबर पर सीपीआई एम रही जिसे तीन सीटों पर जीत मिली। तृणमूल कांग्रेस के खाते में 334 सीटों में से सिर्फ एक सीट आयी जबकि एक सीट निर्दलीय प्रत्याशी के पास गयी। 


त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में नगर निगम की सभी 51 सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवार जीते हैं. बीजेपी ने सिर्फ अगरतला ही नहीं बल्कि खोवाई नगर परिषद, बेलोनिया नगर परिषद, कुमारघाट नगर परिषद, सबरूम नगर पंचायत, धर्मनगर नगर परिषद, तेलियामुरा नगर परिषद और अमरपुर नगर पंचायत में भी क्लीन स्वीप किया है. यानि इन जगहों पर किसी दूसरी पार्टी को एक भी सीट नहीं आय़ी। 


त्रिपुरा में आये रिजल्ट पर बंगाल में भी राजनीति हो रही है. बंगाल में विपक्ष के नेता सुवेन्दु अधिकारी ने कहा कि बीजेपी बंगाल के भ्रष्ट और फासीवादी तोलामूल पार्टी का सफाया करने के लिए त्रिपुरा के लोगों की आभारी है. उधर ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि टीएमसी के सैनिक त्रिपुरा में बहादुरी से लड़े। 


प्रशांत किशोर को झटका

हम आपको बता दें कि प्रशांत किशोर ममता बनर्जी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाने की रणनीति तैयार कर रहे हैं। लिहाजा TMC बंगाल के बाहर पूरा जोर लगा रही है। त्रिपुरा, असम, गोवा से लेकर मेघालय जैसे राज्यों में प्रशांत किशोर की टीम औऱ ममता बनर्जी के प्रमुख सिपाहसलार कैंप कर रहे हैं। कांग्रेस औऱ दूसरी पार्टियों से नेताओं को बड़े पैमाने पर टीएमसी में शामिल कराया जा रहा है। लेकिन बंगाल के बाहर पहली परीक्षा त्रिपुरा के निकाय चुनाव में हुई और टीएमसी की भारी भद्द पिटी।