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लॉकडाउन और स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत से घट रहा है कोरोना: संजय जायसवाल

PATNA: बिहार में कोरोना की चेन को तोड़ने के लिए सरकार ने 25 मई तक लॉकडाउन लगाया। लॉकडाउन लगाए जाने के बाद कोरोना संक्रमण में लगातार गिरावट आ रही है। संक्रमण में आ रही गिरावट प

लॉकडाउन और स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत से घट रहा है कोरोना: संजय जायसवाल
Santosh Singh
4 मिनट

PATNA: बिहार में कोरोना की चेन को तोड़ने के लिए सरकार ने 25 मई तक लॉकडाउन लगाया। लॉकडाउन लगाए जाने के बाद कोरोना संक्रमण में लगातार गिरावट आ रही है। संक्रमण में आ रही गिरावट पर खुशी जताते हुए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने कहा कि इससे साफ पता चलता है कि लॉकडाउन कोरोना के दूसरी लहर को रोकने में पूरी तरह सफल साबित हो रहा है।



लॉकडाउन लगने के समय राज्य में संक्रमण की दर करीब 15% तक चली गयी थी। वहीं अब यह 7% तक आ चुकी है। इसके अलावा स्वस्थ होने वालों की संख्या और रिकवरी रेट में भी वृद्धि हो रही है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि कोरोना पर काबू पाने के लिए सरकार का द्वारा किये जा रहे प्रयास सही दिशा में जा रहे हैं। संजय जायसवाल ने कहा कि हालात में हो रहे सुधार को देखते हुए जीएनएम कॉलेज स्थित डेडीकेटेड कोविड अस्पताल का निरीक्षण किया और मरीजों से मिले।



अस्पताल प्रबन्धन की प्रशंसा करते हुए संजय जायसवाल ने कहा कि मेरे अस्पताल आने की किसी को खबर नहीं थी पर वहां तैनात दोनों डॉक्टर भीतर राउंड लगाते हुए मिले, उनके अलावा सभी कर्मचारी भी अपने कार्यों में लगे हुए थे. डॉ जायसवाल ने कहा कि मरीजों से बात-चीत के दौरान सभी मरीज डेडिकेटेड कोविड अस्पताल की व्यवस्था से संतुष्ट दिखे. एक व्यक्ति ने भी शिकायत नहीं की. अस्पताल में इलाज से संबंधित सभी सुविधाएं उपलब्ध थी. जिन मरीजों को जरूरत थी उन्हें रेमडेसीविर की सूई भी दी जा रही थी। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के अलावा स्वास्थ्यकर्मियों की अथक मेहनत भी कोरोना पर नियन्त्रण पाने में काफी सहायक साबित हो रहा है. महामारी के एकाएक आये इस वेग को थामने में उन्होंने जिस संयम और साहस का परिचय दिया है, उसकी मिसाल मिलनी मुश्किल है।



डॉ जायसवाल ने कहा कि सभी मरीजों से भी मेरा अनुरोध है कि अगर उनका ऑक्सीजन लेवल 90 के नीचे आए तो अस्पताल जाकर चिकिस्तकों की सलाह जरुर लें और अगर आवश्यकता पड़े तो भर्ती भी हो जाएं. यदि ऑक्सीजन लेवल के 70 के नीचे आने के बाद अगर आप अस्पताल आते हैं तो, उस स्थिति में 10 में से 4 मरीजों के बचने की ही संभावना होती है लेकिन अगर 90 प्रतिशत ऑक्सीजन से नीचे आते ही अस्पताल पहुंचने पर 20 में 19 मरीजों को बचाने में सफलता मिल रही है.



उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त अगर आप मास्क पहनते हैं और 2 गज की दूरी बरकरार रखते हैं तो इसमें से किसी की जरूरत नहीं पड़ने वाली. स्थिति को देखते हुए यह जरूरी हो गया है कि सावधानियों का पालन और सख्ती से किया जाए, जिससे जल्द से जल्द कोरोना पर काबू पाया जा सके. सरकार इसके लिए अपनी तरफ से हरसंभव प्रयास कर रही है, लेकिन हर किसी को अपने स्तर से इस युद्ध में अपना सहयोग करना चाहिए।

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