ब्रेकिंग
पटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानीबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं इंजीनियर कुमार शैलेंद्र? जो सम्राट सरकार में बनने जा रहे मंत्रीशपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनापटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानीबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं इंजीनियर कुमार शैलेंद्र? जो सम्राट सरकार में बनने जा रहे मंत्रीशपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चना

गोपालगंज में महागठबंधन की हार पर बोले मुकेश सहनी, कहा- गलत रणनीति के कारण मिली शिकस्त

PATNA: गोपालगंज उपचुनाव में महागठबंधन को मिली शिकस्त पर वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी ने बड़ी बात कह दी है। मुकेश सहनी ने कहा है कि गलत रणनीति के कारण गोपालगंज में आरजेडी को हार का मु

गोपालगंज में महागठबंधन की हार पर बोले मुकेश सहनी, कहा- गलत रणनीति के कारण मिली शिकस्त
Mukesh Srivastava
2 मिनट

PATNA: गोपालगंज उपचुनाव में महागठबंधन को मिली शिकस्त पर वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी ने बड़ी बात कह दी है। मुकेश सहनी ने कहा है कि गलत रणनीति के कारण गोपालगंज में आरजेडी को हार का मुंह देखना पड़ा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अगर चुनाव प्रचार के लिए गए होते तो शायद आज दोनों ही सीटें महागठबंधन के झोली में आ गई होती। उन्होंने कहा कि अगर महागठबंधन ने AIMIM या शहाबुद्दीन की पत्नी हीना साहेब को मैनेज किया होता तो जीत पक्की थी।


मुकेश सहनी ने कहा है कि गोपालगंज और मोकामा विधानसभा उपचुनाव में दोनों जगहों से चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी वीआईपी ने की थी लेकिन वोट काटने और चुनाव लड़ने के बजाए बीजेपी को हराने के लिए वीआईपी ने महागठबंधन को मदद करने का फैसला लिया। वीआईपी ने दोनों जगहों पर महागठबंधन को मदद किया, जिसका परिणाम हुआ कि मोकामा में महागठबंधन की जीत हुई और गोपालगंज में भी महागठबंधन ने बीजेपी को कड़ी टक्कर दी। 


उन्होंने कहा कि गलत रणनीति के कारण महागठबंधन को गोपालगंज में हार का मुंह देखना पड़ा। अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चुनाव प्रचार करने के लिए गोपालगंज गए होते तो शायद चुनाव जीत गए होते। ओवैसी की पार्टी को अगर मैनेज कर लिया होता तो गोपालगंज में आरजेडी की हार नहीं होती। अगर ओवैसी की पार्टी मैनेज नहीं होती तो शहाबुद्दीन की पत्नी हेना साहेब को मैनेज किए होते तो जीत पक्की थी लेकिन आरजेडी की तरफ से उन्हें मनाने की कोशिश नहीं की, जिसका नतीजा हुआ कि वे चुनाव हार गए।

संबंधित खबरें