ब्रेकिंग
राजस्व कर्मचारियों को सरकार की लास्ट वार्निंग: 24 घंटे के भीतर योगदान नहीं दिया तो एक्शन तय, ट्रांसफर के बावजूद नहीं कर रहे ज्वाइनगृह मंत्री अमित शाह की चेयरमैनशिप वाली 'परिषद' में डिप्टी सीएम के साथ एक मंत्री को बनाया गया सदस्य, CM सम्राट ने की नियुक्ति खेसारी लाल यादव ने पिता को गिफ्ट की 4 करोड़ की Range Rover SV, भावुक वीडियो हुआ वायरलबिहार में SC-ST अत्याचार मामलों के लिए बनेंगे 19 नए स्पेशल कोर्ट, 171 पदों के सृजन को कैबिनेट की मंजूरीफर्जी आधार कार्ड से भारत में घूम रहा था नेपाली युवक, नाबालिग लड़की को लेकर पहुंचा मैत्री पुल; SSB ने दबोचाराजस्व कर्मचारियों को सरकार की लास्ट वार्निंग: 24 घंटे के भीतर योगदान नहीं दिया तो एक्शन तय, ट्रांसफर के बावजूद नहीं कर रहे ज्वाइनगृह मंत्री अमित शाह की चेयरमैनशिप वाली 'परिषद' में डिप्टी सीएम के साथ एक मंत्री को बनाया गया सदस्य, CM सम्राट ने की नियुक्ति खेसारी लाल यादव ने पिता को गिफ्ट की 4 करोड़ की Range Rover SV, भावुक वीडियो हुआ वायरलबिहार में SC-ST अत्याचार मामलों के लिए बनेंगे 19 नए स्पेशल कोर्ट, 171 पदों के सृजन को कैबिनेट की मंजूरीफर्जी आधार कार्ड से भारत में घूम रहा था नेपाली युवक, नाबालिग लड़की को लेकर पहुंचा मैत्री पुल; SSB ने दबोचा

छपरा जहरीली शराब कांड पर महागठबंधन में विवाद शुरू, माले ने सरकार से की मुआवजे की मांग

PATNA : बिहार के छपरा में जहरीली शराब कांड को लेकर सियासी खींचतान थमने का नाम नहीं ले रही है। विरोधी दल बीजेपी से लेकर अब सरकार का समर्थन करने वाली पार्टी भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमा

छपरा जहरीली शराब कांड पर महागठबंधन में विवाद शुरू, माले ने सरकार से की मुआवजे की मांग
First Bihar
3 मिनट

PATNA : बिहार के छपरा में जहरीली शराब कांड को लेकर सियासी खींचतान थमने का नाम नहीं ले रही है। विरोधी दल बीजेपी से लेकर अब सरकार का समर्थन करने वाली पार्टी भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमलावर हो गई है। इसी कड़ी में बीजेपी विधायक संजय सरावगी ने शराबबंदी कानून को फेल बताया है तो वहीं, सीपीआई (एमएल) ने अब सरकार से एक मांग कर दी है। 




बीजेपी विधायक संजय सरावगी ने कहा है कि बिहार में पिछले 6 सालों में 1000 से ज्यादा मौत शराब से हुई है। सिर्फ सारण में ही शराब से 50 मौत हुई है। उन्होंने कहा कि सारण में पहले भी 20 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। उसी वक्त सरकार अगर एक्टिव होती तो आज इतने लोगों की जान नहीं जाती। सरावगी ने कहा कि हम हमेशा शराबबंदी के पक्ष में हैं। लेकिन शराब मफिया को सत्ता का संरक्ष्ण प्राप्त है। सरकार को सारा काम रोककर इसपर गंभीरता दिखानी चाहिए। ये एक गंभीर मामला है। बिहार में सिर्फ गरीबों को जेल भेजा जा रहा है। सरकार के कथनी और करनी में अंतर है। 




वहीं, सीपीआई (एमएल) के विधायक मनोज मंज़िल ने कहा कि भाजपाई साजिश की जांच होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से मृतकों के परिजनों को दस लाख मुआवजा देने की मांग की। मनोज मंज़िल ने कहा कि शराब माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई हो। शराबबंदी कानून सही है लेकिन जिन माफियाओं पर प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होती वो बहुत दुखद है। सरकार को इस पर गंभीर होना चाहिए। साथ ही प्रशासन को भी गंभीर होना चाहिए ताकि बिहार में शराब न आ सके। 




इसके अलावा सीपीआई (एमएल) के ही विधायक सुदामा प्रसाद ने कहा कि मैं सरकार से कहना चाहता हूं कि बिहार में बुलडोजर राज न चले। इस मामले को लेकर सरकार हाई कोर्ट में मजबूती से अपना पक्ष रखे ताकि गरीबों की परेशानी कम हो। 

टैग्स