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बिहार के 5 रेलवे स्टेशनों पर हस्तशिल्प, खादी, हस्तकरघा प्रदर्शनी का आयोजन, उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने किया शुभारंभ

DESK: बिहार के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने शनिवार को बिहार के 5 रेलवे स्टेशनों पर हस्तशिल्प, खादी एवं हस्तकरघा उत्पाद की अस्थायी प्रदर्शनी– सह-बिक्री केंद्र का श

बिहार के 5 रेलवे स्टेशनों पर हस्तशिल्प, खादी, हस्तकरघा प्रदर्शनी का आयोजन, उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने किया शुभारंभ
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

DESK: बिहार के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने शनिवार को बिहार के 5 रेलवे स्टेशनों पर हस्तशिल्प, खादी एवं हस्तकरघा उत्पाद की अस्थायी प्रदर्शनी– सह-बिक्री केंद्र का शुभारंभ किया। देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ को पूरे देश में ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ के रुप में मनाया जा रहा है। इसी के तहत देश के कुल 75 रेलवे स्टेशनों पर आत्मनिर्भर भारत के बैनर तले अस्थायी प्रदर्शनी–सह–बिक्री स्टॉल लगाने निर्णय लिया गया। इनमें से 5 रेलवे स्टेशन बिहार से भी हैं।


वही शाहनवाज हुसैन ने शनिवार को दिल्ली में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की और उनसे बिहार के हस्तशिल्प, खादी एवं हस्तकरघा उत्पादों की प्रदर्शनी सह बिकी केंद्र खोलने के लिए अन्य राज्यों में रेलवे स्टेशनों पर नि:शुल्क जगह उपलब्ध कराने की गुजारिश की। उन्होंने कहा कि बिहार के बुनकरों और कारीगरों द्वारा बनाई गई चीजें देश ही नहीं विदेशों में भी खूब पसंद की जाती रही हैं।


आजादी के अमृत महोत्सव के सुअवसर पर बिहार का भी संकल्प है कि यहां के पारंपरिक उद्योग से जुड़े लोगों को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव कोशिश की जाए। अगर बिहार के बाहर भी रेलवे स्टेशनों पर बिहार के हस्तशिल्प, खादी एवं हस्तकरघा उत्पादों की प्रदर्शनी सह बिकी केंद्र खोलने के लिए सुविधाएं मिलती हैं तो बहुत अच्छा होगा।


बिहार में पटना, गया, दरभंगा, भागलपुर और मुजपफ्फरपुर जंक्शन पर आज से हस्तशिल्प, खादी एवं हस्तकरघा उत्पाद की अस्थायी प्रदर्शनी – सह - बिक्री केंद्र का शुभारंभ बिहार के उद्योग मंत्री ने किया। इस कार्यक्रम में बिहार के सभी पांच रेलवे स्टेशनों पर खुले प्रदर्शनी सह–बिक्री केंद्र से स्टॉल संचालक व आगंतुक वर्जुअल माध्यम से एक साथ जुड़े और उद्योग मंत्री ने सबको संबोधित किया।


बिहार के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ हम सब के लिए बेहद खास पल है। पूरे देश में ये महोत्सव आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने के मकसद के साथ मनाया जा रहा है।  बिहार में भी हमने इस महोत्सव पर बिहार के हस्तशिल्प, खादी एवं हस्तकरघा यानी सभी पारंपरिक उद्योगों को बढ़ावा देने का संकल्प लिया है।


पटना, गया, दरभंगा, भागलपुर और मुजपफ्फरपुर में सभी 5 रेलवे स्टेशनों पर पूरे उत्साह से बिहार के बुनकरों, कारीगरों और पारंपरिक उद्योग से जुड़े लोगों के शिल्प, कला, कौशल को प्रदर्शित करने वाले बेहतरीन उप्तादों की प्रदर्शनी लगाई गई है और प्रदर्शनी के साथ साथ बिक्री का भी प्रावधान किया है। 


पटना और दरभंगा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर स्थापित स्टॉल का संचालन उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान और खादी ग्रामोद्योग आयोग के द्वारा किया जा रहा है जबकि गया, भागलपुर व मुजफ्फरपुर जंक्शन पर स्थापित स्टॉल का संचालन बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के द्वारा किया जा रहा है।


सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि हमारी हमेशा कोशिश रहती है कि हरेक अवसर का इस्तेमाल हम बिहार के पारंपरिक उदद्योगों से लेकर सभी तरह के उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए करें। रेलवे स्टेशनों पर प्रदर्शनी – सह - बिक्री केंद्र खुलने से न सिर्फ बिहार के हस्तशिल्प, खादी एवं हस्तकरघा उत्पाद का प्रचार प्रसार होगा बल्कि इस उद्यम से जुड़े कारीगरों एवं बुनकरों की आमदनी में भी वृद्धि होगी।



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