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रामचरितमानस वाले विवादित बयान पर अड़े मंत्री चंद्रशेखर, कहा- चाहे गोली मार दी जाए अपने बयान पर कामय रहूंगा

PATNA: बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर ने रामचरितमानस को लेकर बुधवार को जो विवादित बयान दिया उससे देश की सियासत गरमा गई है। विपक्षी दल बीजेपी के साथ साथ तमाम हिंदू संग

रामचरितमानस वाले विवादित बयान पर अड़े मंत्री चंद्रशेखर, कहा- चाहे गोली मार दी जाए अपने बयान पर कामय रहूंगा
Mukesh Srivastava
4 मिनट

PATNA: बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर ने रामचरितमानस को लेकर बुधवार को जो विवादित बयान दिया उससे देश की सियासत गरमा गई है। विपक्षी दल बीजेपी के साथ साथ तमाम हिंदू संगठनों की मांग है कि शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर अपने विवादित बयान के लिए देश की जनता से माफी मांगे। इसी बीच प्रो. चंद्रशेखर ने कहा है कि वे अपने बयान पर कायम हैं और उनका कहना है कि उन्होंने कुछ ऐसा नहीं कहा है जिसके लिए उन्हें मांफी मांगने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि माफी तो उन लोगों को मांगनी चाहिए जिन्होंने अन्याय किया है। इस दौरान शिक्षा मंत्री रामचरितमानस की आधी अधूरी जानकारी पर अपना बेतुका तर्क देते नजर आए।


प्रो. चंद्रशेखर ने कहा है कि रामचरितमानस में 5-6 ऐसे दोहे हैं जो विरोध करने योग्य हैं। उन्होंने कहा कि उन दोहों को लेकर मुझे आपत्ति है, इसलिए उसको लेकर बयान दिया था। इस दौरान उन्होंने हिन्दू धर्म के कई ग्रंथों को लेकर अपने विचार रखे और कहा कि सालों साल से इसको लेकर वैचारिक संघर्ष चल रहा है। प्रोफेसर चंद्रशेखर ने कहा कि रामचरितमानस समाज में नफरत फैलाने वाला ग्रंथ है। यह समाज में पिछड़ों, महिलाओं और दलितों को शिक्षा हासिल करने से रोकता है और उन्हें बराबरी का हक देने से रोकता है। चंद्रशेखर ने कहा मनुस्मृति के बाद रामचरितमानस नफरत के इस दौर को आगे बढ़ाया है।


अयोध्या के संत जगतगुरु परमहंस आचार्य द्वारा बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर की जीभ काटकर लाने वाले को 10 करोड़ का इनाम देने की घोषणा करने पर चंद्रशेखर ने कहा कि फतवा जारी करने वाले लोगों ने मनुस्मृति में पहले ही लिख दिया है कि जो शुक्र वेद पढ़ ले उसकी जीभ काट लो। उन्होंने कहा कि वे पूरे रामचरितमानस का विरोध नहीं कर रहे हैं बल्कि उसके कुछ अंश का विरोध जता रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में छोटी जाति के लोगों से भेदभाव करने का मामला नया नहीं है, सालों साल से भेदभाव किया जाता रहा है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि रामचरितमानस में जो आपत्तिजनक दोहे हैं अगर उनका वश चलेगा तो वे उसे हटा देंगे।


वहीं नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा द्वारा शिक्षा मंत्री को जेल भेजे जाने के सवाल पर प्रो. चंद्रशेखर ने कहा कि जेल भेजने से तो वे बाहर आ जाएंगे, ऐसे में उन्हें गोली मार दिया जाए। उन्होंने कहा कि चाहे मुझे गोली मार दी जाए मैं अपने बयान पर कामय रहूंगा। रामचरितमानस में जो आपत्तिजनक बातें हैं उसके खिलाफ हमेशा से लड़ता रहा हूं और आगे भी लड़ता रहूंगा। वहीं कुमार विश्वास के यह कहने पर कि प्रो.चंद्रशेखर को उनके कार्यक्रम में शामिल होकर रामतचिरतमानस सुनना चाहिए,इसपर उन्होंने कहा कि वे बिहार के शिक्षा मंत्री हैं और उनका कुमार विश्वास से कम ओहदा नहीं है, कुमार विश्वास उनकी सभा में आकर जानकारी ले लें।

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रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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