ब्रेकिंग
पटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानीबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं इंजीनियर कुमार शैलेंद्र? जो सम्राट सरकार में बनने जा रहे मंत्रीशपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनापटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानीबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं इंजीनियर कुमार शैलेंद्र? जो सम्राट सरकार में बनने जा रहे मंत्रीशपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चना

बालू घाटों पर नहीं शुरू हुआ खनन : अधिकारियों पर गिरी गाज ; विभाग ने वेतन भुगतान पर लगाया रोक

PATNA : खान एवं भू-तत्व विभाग ने बालू घाट बंदोबस्ती में विलंब और खनन शुरू न होने के मामले में फिलहाल दो जिलों के खनिज विकास पदाधिकारियों के मई महीने के वेतन पर रोक लगा दी है।

बालू घाटों पर नहीं शुरू हुआ खनन : अधिकारियों पर गिरी गाज ; विभाग ने वेतन भुगतान पर लगाया रोक
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

PATNA :  खान एवं भू-तत्व विभाग ने बालू घाट बंदोबस्ती में विलंब और खनन शुरू न होने के मामले में फिलहाल दो जिलों के खनिज विकास पदाधिकारियों के मई महीने के वेतन पर रोक लगा दी है।


वहीं, जिलों की समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई है कि 17 जिले बालू घाटों की बंदोबस्ती और खनन कार्य  शुरू करने के मामले में पीछे चल रहे हैं जिसे विभाग ने गंभीरता से लिया है। इसके बाद विभाग के स्तर पर सभी खनिज विकास पदाधिकारियों को एक सप्ताह के अंदर नदियों से खनन प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देश का पालन न होने पर दोषी पदाधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।


खान एवं भू-तत्व विभाग के सूत्रों के अनुसार, जिन 17 जिलों में खनन और बंदोबस्ती का काम धीमी गति से चल रहा है वे जिले हैं सीतामढ़ी, बेतिया, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सुपौल, पूर्णिया, सारण, गोपालगंज, सिवान, शिवहर, वैशाली, सहरसा, मधेपुरा और किशनगंज। इन सभी 17 जिलों में कुल 132 बालू घाट हैं। इनमें से 93 की ई-नीलामी अभी तक नहीं हुई है।


उधर, कुल 39 घाटों की नीलामी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कुल 16 घाट ऐसे भी हैं, जिन्हें पर्यावरणीय स्वीकृति मिल चुकी है।इसके बावजूद इनमें खनन का कार्य मात्र 10 घाटों पर ही प्रारंभ हुआ है। अब विभाग ने प्रतिदिन खनन कार्यों का निरीक्षण कर उसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजने का निर्देश दिया है।

संबंधित खबरें