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अतिपिछड़ा आरक्षण को लेकर जदयू का पदयात्रा, चंपारण से पटना तक रूट

PATNA : बिहार में अब पद यात्रा का दौर शुर हो गया है। इसी कड़ी में अब बिहार सरकार के मंत्री द्वारा केंद्र की सरकार के विरोध में पद यात्रा शुरू किया जाएगा। बिहार सरकार के म

अतिपिछड़ा आरक्षण को लेकर जदयू का पदयात्रा, चंपारण से पटना तक रूट
Tejpratap
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PATNA  : बिहार में अब पद यात्रा का दौर शुर हो गया है। इसी कड़ी में अब बिहार सरकार के मंत्री द्वारा केंद्र की सरकार के विरोध में पद यात्रा शुरू किया जाएगा। बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी ने बताया कि उनका यह पद यात्रा आगामी 6 दिसम्बर से 12दिसम्बर तक होगा। उनका यह यात्रा अतिपिछड़ा समाज के लोगों को उसका हक दिलाने को लेकर होगा। 


दरअसल, बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी के आवास पर आरक्षण अधिकार पदयात्रा को लेकर एक बैठक बुलाई गई। इस बैठक में अतिपिछड़ा समाज के तमाम नेता मौजूद रहें। इसी दौरान यह निर्णय लिया गया कि अगले महीने एक पहले सप्ताह से अतिपिछड़ा को मिलने वाले आरक्षण को लेकर यह पद यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा पंचायत चुनाव में आरक्षण को लेकर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि, हमलोग वैसे ही पिछड़ें समाज के लोग हैं, हमलोगों को अभी अपने हक का बात करना है। इसके आलावा उन्होंने कहा कि, देश के पीएम खुद को अतिपिछड़ा बोलते हैं, लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि गुजरात में जब कोई अतिपिछड़ा है ही नहीं तो वो कैसे अतिपिछड़ा हो सकते हैं।


बता दें कि, नगर निकाय चुनाव में अति पिछड़ा वर्ग का आरक्षण तय करने के लिए पटना हाईकोर्ट में एक अर्जी दाखिल किया गया था। जिसके बाद  बिहार सरकार ने भी रिव्यू पेटिशन दायर किया था। बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत बगैर ट्रिपल टेस्ट के अति पिछड़ा वर्ग को आरक्षण दिया। 2021 दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि किसी भी राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव में आरक्षण की अनुमति तब तक नहीं दी जाएगी जब तक राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय किए गए मानकों को पूरा नहीं कर लेती है।  इसको लेकर  2010 में सुप्रीम कोर्ट की ओर से मानक तय किया गया था।