Bihar Politics: पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार देश की आम जनता के बजाय कुछ उद्योगपतियों के हितों में काम कर रही है। उन्होंने एलन मस्क के एक ट्वीट का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाए और पूछा कि प्रधानमंत्री के कथित अपमान पर बीजेपी और गोदी मीडिया की ओर से प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि देश में प्रधानमंत्री से ऊपर सुपर प्राइम मिनिस्टर की तरह कुछ उद्योगपति काम कर रहे हैं।
महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ते कर्ज पर केंद्र को घेरा
पप्पू यादव ने पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, दाल और सब्जियों की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महंगाई से आम जनता परेशान है और मध्यम वर्ग EMI के बोझ तले दबा हुआ है। उन्होंने दावा किया कि 2014 के मुकाबले देश पर कर्ज का बोझ काफी बढ़ गया है। साथ ही बेरोजगारी, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और स्कूल-कॉलेज बंद होने जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
वोट कटौती-चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल
सांसद पप्पू यादव ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान 67 लाख वोट काटे जाने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे वोट चोरी से जोड़ते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की मांग की। उनके अनुसार, लोकतंत्र में जनता के वोट देने के अधिकार को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।
प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया
पप्पू यादव ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान करीब 7 हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को रोकने, रास्ते बंद करने और इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने के आरोप भी लगाए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया हैंडलर, यूट्यूबर और पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ कथित पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने विपक्षी नेताओं, मुख्यमंत्रियों, छात्रों और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
लोकतंत्र की रक्षा को बताया मुख्य लड़ाई
पप्पू यादव ने अन्ना हजारे के आंदोलन का जिक्र करते हुए मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक हालात पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में अब लड़ाई केवल हिंदू-मुस्लिम या जाति की नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र, आर्थिक आजादी और विचारों की स्वतंत्रता की रक्षा की है।
उन्होंने युवाओं, किसानों, गरीबों, महिलाओं और छोटे व्यापारियों के अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने मणिपुर की स्थिति और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी केंद्र सरकार से सवाल किए।
कांग्रेस और विपक्षी एकजुटता का किया समर्थन
पूर्णिया सांसद ने कांग्रेस को देश का भविष्य, उम्मीद और विश्वास बताते हुए कहा कि पार्टी सत्ता के लिए नहीं, बल्कि जनता के वोट का अधिकार वापस दिलाने के लिए लड़ रही है। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को संविधान तथा जनता के अधिकारों की लड़ाई का चेहरा बताया।
कांग्रेस हाईकमान के निर्देश पर विधायकों, सांसदों और पार्टी पदाधिकारियों को दिल्ली बुलाए जाने के फैसले का समर्थन करते हुए उन्होंने विपक्षी एकजुटता की अपील की। स्वतंत्रता सेनानियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों से एकजुट होकर आगे आने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री मोदी- शाह से इस्तीफे की मांग
पप्पू यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में जनता के अधिकारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि संविधान, लोकतंत्र और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा।
उनके बयान में महंगाई, बेरोजगारी, चुनावी प्रक्रिया, विपक्ष के प्रदर्शन और नागरिक स्वतंत्रता जैसे कई मुद्दे प्रमुखता से सामने आए। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए विभिन्न आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित आधिकारिक आंकड़ों और स्वतंत्र स्रोतों से जांच जरूरी है।





