ब्रेकिंग
Bihar MLC Election: नवल किशोर यादव पटना शिक्षक सीट से छठी बार मैदान में, BJP अध्यक्ष ने दिया उम्मीदवारी का प्रपत्र..5 तारीख को करेंगे नामांकन ✦पेट्रोल 5 और डीजल 3 रुपये महंगा, इस तेल कंपनी ने बढ़ाए दाम; जेब पर पड़ेगा कितना असर?✦बिहार में ‘जुगाड़ टेक्नोलॉजी’ पर टिका सरकारी स्कूल: बेंच-डेस्क के सहारे छत का पिलर, जर्जर भवन में 191 बच्चों की जान जोखिम में✦दवा फैक्ट्री का बॉयलर फटा, हादसे में 5 मजदूरों की दर्दनाक मौत; दर्जनभर गंभीर रूप से घायल✦नीरज कुमार पहुंचे नीतीश के दरबार, अनंत सिंह के मोर्चा खोलने के बीच जारी की तस्वीर; क्या हुई ‘बड़ी बात’?✦Bihar MLC Election: नवल किशोर यादव पटना शिक्षक सीट से छठी बार मैदान में, BJP अध्यक्ष ने दिया उम्मीदवारी का प्रपत्र..5 तारीख को करेंगे नामांकन ✦पेट्रोल 5 और डीजल 3 रुपये महंगा, इस तेल कंपनी ने बढ़ाए दाम; जेब पर पड़ेगा कितना असर?✦बिहार में ‘जुगाड़ टेक्नोलॉजी’ पर टिका सरकारी स्कूल: बेंच-डेस्क के सहारे छत का पिलर, जर्जर भवन में 191 बच्चों की जान जोखिम में✦दवा फैक्ट्री का बॉयलर फटा, हादसे में 5 मजदूरों की दर्दनाक मौत; दर्जनभर गंभीर रूप से घायल✦नीरज कुमार पहुंचे नीतीश के दरबार, अनंत सिंह के मोर्चा खोलने के बीच जारी की तस्वीर; क्या हुई ‘बड़ी बात’?

‘विक्षिप्त हो गए हैं नीतीश.. पद पर रहने के लायक नहीं’ सुशील मोदी बोले- मुख्यमंत्री ने दलितों का अपमान किया

PATNA: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि नीतीश कुमार ने महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी के बाद महादलित समाज के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख

‘विक्षिप्त हो गए हैं नीतीश.. पद पर रहने के लायक नहीं’ सुशील मोदी बोले- मुख्यमंत्री ने दलितों का अपमान किया
Mukesh Srivastava
2 मिनट

PATNA: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि नीतीश कुमार ने महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी के बाद महादलित समाज के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के लिए जिस तरह से आपा खो कर तुम-ताम की भाषा का प्रयोग किया, उससे साफ है कि वे विक्षिप्त हो गए हैं और संवैधानिक पद पर बने रहने के लायक नहीं हैं। पलटूराम का भाषण पूरे दलित समाज का अपमान है।


सुशील मोदी ने एक मित्र के नाते मुख्यमंत्री को सलाह दी है कि अब नीतीश कुमार को अपने उत्तराधिकारी तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंप कर आराम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने उम्र में अपने से दस साल बड़े  जीतन राम मांझी के लिए जिन अपमानजनक शब्दों का प्रयोग आंखें तरेरते हुए किया, वैसा यदि वे सदन के बाहर करते, तो उन पर दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज होता।


उन्होंने कहा कि यदि जीतन राम मांझी किसी दूसरे समुदाय के होते, तो नीतीश कुमार ऐसी गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल करने की हिम्मत नहीं करते। जदयू के लोग नीतीश कुमार के सड़क छाप बयानों का शर्मनाक बचाव करने के लिए बॉयलॉजी की पुस्तक से प्रजनन प्रक्रिया का पाठ पढाने पर उतर आये हैं। प्रधानमंत्री बनने का सपना और गलत संगत में पड़ना नीतीश कुमार के मानसिक संतुलन पर बहुत भारी पड़ रहा है।