ब्रेकिंग
कमरे में फंदे से लटका मिला महिला का शव, मायके वालों ने 10 लाख रुपये और बुलेट की मांग को लेकर हत्या का लगाया आरोपसुबह-सुबह चाचा लगा रहे थे झाड़ू, तभी भतीजे ने चला दी गोली; हालत गंभीरचीनी महंगी होने का एथेनॉल से नहीं है कनेक्शन! केंद्र ने बताया क्यों बढ़े दाम, त्योहार से पहले जानें पूरी वजह7 मौतों के बाद अशोकधाम में बड़ा बदलाव! चौथी सोमवारी पर अरघा से जलाभिषेक, जिगजैग रूट से होगी एंट्रीBihar News : 20 रुपये में बिकता था अश्लील वीडियो! टेलीग्राम से चलता था पूरा खेल, 1200 से ज्यादा वीडियो की खरीद-बिक्री का खुलासाकमरे में फंदे से लटका मिला महिला का शव, मायके वालों ने 10 लाख रुपये और बुलेट की मांग को लेकर हत्या का लगाया आरोपसुबह-सुबह चाचा लगा रहे थे झाड़ू, तभी भतीजे ने चला दी गोली; हालत गंभीरचीनी महंगी होने का एथेनॉल से नहीं है कनेक्शन! केंद्र ने बताया क्यों बढ़े दाम, त्योहार से पहले जानें पूरी वजह7 मौतों के बाद अशोकधाम में बड़ा बदलाव! चौथी सोमवारी पर अरघा से जलाभिषेक, जिगजैग रूट से होगी एंट्रीBihar News : 20 रुपये में बिकता था अश्लील वीडियो! टेलीग्राम से चलता था पूरा खेल, 1200 से ज्यादा वीडियो की खरीद-बिक्री का खुलासा

सुप्रीम कोर्ट से नीतीश कुमार को बड़ी राहत, SC ने CM के खिलाफ PIL को किया खारिज

DELHI: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी महागठबंधन की सरकार के खिलाफ दल बदल विरोधी कानून के तहत सरकार

सुप्रीम कोर्ट से नीतीश कुमार को बड़ी राहत, SC ने CM के खिलाफ PIL को किया खारिज
Mukesh Srivastava
2 मिनट

DELHI: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी महागठबंधन की सरकार के खिलाफ दल बदल विरोधी कानून के तहत सरकार को हटाने की मांग को लेकर दायर की गई जनहित याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। याचिका में कहा गया था कि नीतीश कुमार ने बिहार में चुनाव पूर्व गठबंधन को तोड़कर आरजेडी और महागठबंधन के अन्य दलों के साथ मिलकर सरकार बनाई, जो मतदाताओं के साथ धोखाधड़ी है।


साल 2020 में नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा था और विधानसभा चुनाव में जीत के बाद बीजेपी के साथ सरकार बनाई थी। अगस्त 2022 में नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ गठबंधन तोड़कर आरजेडी के साथ सरकार बनाई। जिसके बाद चंदन कुमार ने याचिका दायर कर नई सरकार को दल बदल कानून के तहत हटाने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी।


जस्टिस एम आर शाह और एमएम सुंदरेश की पीठ ने इसे दल बदल कानून के तहत नहीं माना। इस मामले में अधिवक्ता विमल जॉनसन केरकट्टा, सलोनी सरण, कुमार राजीव, धर्मशीला, कुमुदनी प्रियदर्शिनी भी याचिकाकर्ता हैं।