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मुकेश सहनी ने केंद्र सरकार को घेरा, कहा- मंदिर, मस्जिद को हवा देने वाली सरकार के दौर में बंद किए जा रहे स्कूल

PATNA: विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने एक बार फिर से केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। मुकेश सहनी ने कहा कि मंदिर और मस्जिद मा

मुकेश सहनी ने केंद्र सरकार को घेरा, कहा- मंदिर, मस्जिद को हवा देने वाली सरकार के दौर में बंद किए जा रहे स्कूल
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

PATNA: विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने एक बार फिर से केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। मुकेश सहनी ने कहा कि मंदिर और मस्जिद मामले के बहाने देश में सरकारी स्कूलों को बंद किया जा रहा है। मुकेश सहनी ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि आज देश में मंदिर-मस्जिद की चर्चा खूब हो रही है, लेकिन शिक्षा की बात कोई नहीं कर रहा।


मुकेश सहनी ने कहा कि देश में मंदिर और मस्जिद के विवादों को हवा देने वाली सरकार के दौर में स्कूलों को बंद किया जा रहा है। देश में साल 2018 से 2020 के दौरान हजारों सरकारी स्कूल बंद हो गए। निजीकरण को बढ़ावा दे रही वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान जहां इन वर्षों में सरकारी स्कूल की संख्या में कमी देखी गई वहीं प्राइवेट स्कूलों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।


केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा विभाग की एक इकाई 'यूनाइटेड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस' द्वारा तैयार किए गए एक आंकड़े का हवाला देते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि वर्ष 2018-19 में देशभर के सरकारी स्कूलों की संख्या 1,083,678 जो 2019-20 में घटकर 1,032,570 रह गई। इस हिसाब से एकत्र किए गए स्कूलों के रिकार्ड और रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में 51,108 सरकारी स्कूल कम हुए हैं। 


उन्होंने कहा कि यह सभी आंकड़े कोरोना महामारी के कारण उत्पन्न हुई स्थिति से पहले के हैं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 26,074 सरकारी स्कूल कम हुए हैं, वहीं मध्य प्रदेश में 22,904 स्कूलों की कमी आई है। पूर्व मंत्री ने बताया कि 2020-21 के लिए जारी की गई  रिपोर्ट में सरकारी स्कूलों की संख्या में फिर गिरावट देखी गई। इस बार करीब 521 सरकारी स्कूल फिर कम हुए हैं।


देश में लगभग 17 करोड़ बच्चे अभी भी शिक्षा प्रणाली से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकारी स्कूल ही नहीं होंगे तो गरीब के बच्चे पढ़ेंगे कहां? मुकेश सहनी ने कहा कि आज सियासत में कुर्सी सबके लिए प्यारी हो गई है, यही कारण है कि बेकार की बातों को हवा दी जा रही है, जिससे न देश को भला होना है न जनता को।

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