1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 03 Nov 2025 07:15:53 AM IST
दुलारचंद यादव हत्या कांड - फ़ोटो GOOGLE
Dularchand Yadav murder Case: बिहार की राजनीति इस समय एक नए मोड़ पर है, जहां चुनावी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। इसी बीच मोकामा विधानसभा क्षेत्र के तारतर गांव में हुए दुलारचंद यादव हत्या कांड ने पूरे राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल मचा दी है। अब इस मामले की जांच सीआईडी (CID) भी करेगी। सीआईडी की जांच पुलिस की जांच के समानांतर चलेगी, ताकि किसी तरह का पक्षपात या जांच में त्रुटि न हो सके।
पटना एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि इस मामले के लिए सीआईडी की एक अलग टीम गठित की गई है, जो स्वतंत्र रूप से साक्ष्य जुटाने का काम करेगी। जांच पूरी होने के बाद सीआईडी अपनी रिपोर्ट पुलिस के साथ साझा करेगी। उधर, पुलिस ने भी मामले में तेजी दिखाते हुए लगातार छापेमारी जारी रखी है।
रविवार को पुलिस ने 15 संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की। अब तक 80 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े वीडियो फुटेज और मोबाइल क्लिप्स की फोरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि मुख्य आरोपितों की सटीक पहचान की जा सके। कई आरोपितों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
यह घटना 30 अक्टूबर को भदौर थाना क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान हुई झड़प के बाद घटी थी। तारतर गांव निवासी दुलारचंद यादव की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। बताया जाता है कि हमलावरों ने पहले उनके पैर की एड़ी में गोली मारी, और उसके बाद कार से कुचलकर उनकी हत्या कर दी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया था।
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने अर्धसैनिक बलों की 13 कंपनियां, एसटीएफ की दो यूनिट और चार क्यूआरटी टीमों को भी इलाके में तैनात किया है। पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय बल लगातार गश्त कर रहे हैं और संदिग्ध इलाकों में कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस के अनुसार, कई सीसीटीवी कैमरों और स्थानीय लोगों के मोबाइल वीडियो से महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। इन फुटेज की मदद से उपद्रवियों और हमलावरों की पहचान की जा रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में मुख्य साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी हो सकती है। इस हत्या के बाद राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है। विपक्ष ने इसे प्रशासनिक नाकामी बताया है, जबकि सत्ताधारी दल ने मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। सीआईडी की एंट्री के बाद अब पूरे बिहार की निगाहें इस जांच पर टिकी हैं।