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पटना में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी: RTE के तहत नामांकन लेने से कर रहे इनकार, DEO ने मांगा जवाब

Patna School News: पटना में कई निजी स्कूल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों का नामांकन लेने से इंकार कर रहे हैं। अभिभावकों की शिकायत के बाद जिला शिक्षा विभाग ने संबंधित स्कूलों से स्पष्टीकरण मांगा है।

Bihar News
प्रतिकात्मक तस्वीर
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Patna School News: पटना जिले में कई निजी स्कूल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत बच्चों का नामांकन लेने से इंकार कर रहे हैं। आरोप है कि स्कूल आवंटित होने के बावजूद अभिभावकों को वापस लौटा दिया जा रहा है। इसको लेकर अभिभावकों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से शिकायत की है। मामले की शिकायत मिलने के बाद जिला शिक्षा कार्यालय ने ऐसे सभी स्कूलों से स्पष्टीकरण मांगा है, जो आरटीई के तहत बच्चों का नामांकन लेने में आनाकानी कर रहे हैं।


जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार, आरटीई के तहत नामांकन के लिए कुल 4,907 बच्चों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। इनमें से रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के माध्यम से 3,942 बच्चों को विभिन्न स्कूलों में आवंटित किया गया। हालांकि अब तक सिर्फ 1,416 बच्चों का ही स्कूलों में नामांकन हो पाया है, जबकि बड़ी संख्या में बच्चे अब भी नामांकन से वंचित हैं। जिन स्कूलों में नामांकन नहीं हो रहा है, उनमें कई बड़े निजी स्कूल भी शामिल बताए जा रहे हैं।


नियमों के अनुसार, किसी भी निजी स्कूल में कक्षा एक की कुल सीटों का 25 प्रतिशत हिस्सा आरटीई के तहत गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित होता है। शिक्षा विभाग द्वारा प्राप्त आवेदनों के आधार पर ही बच्चों को स्कूल आवंटित किए जाते हैं।


वहीं, आरटीई के दायरे में अल्पसंख्यक स्कूल शामिल नहीं होते, इसलिए उनका नाम पोर्टल पर दर्ज नहीं किया जाता। इसके बावजूद कई अभिभावकों ने आवेदन करते समय अल्पसंख्यक स्कूलों का विकल्प चुन लिया है। विभाग का निर्देश है कि अभिभावक अपने घर से तीन किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्कूलों के लिए ही आवेदन करें।


आरटीई के तहत नामांकित बच्चों को स्कूल की ओर से मुफ्त यूनिफॉर्म और किताबें देने का भी प्रावधान है। साथ ही यह भी स्पष्ट निर्देश है कि इन बच्चों के साथ सामान्य विद्यार्थियों जैसा ही व्यवहार किया जाए और किसी प्रकार का भेदभाव न हो। निजी स्कूलों को सरकार की ओर से दी जाने वाली निर्धारित राशि से पहले इन नियमों के पालन की भी जांच की जाती है। 

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता