Bihar Politics: बिहार की राजधानी पटना के मनेर क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में तीन आरोपियों की मौत के बाद सियासत तेज हो गई है। शुक्रवार को हुई इस घटना के खिलाफ जहां मृतकों के परिजनों ने हंगामा किया, वहीं कई संगठनों और राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। इसी क्रम में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी मनेर एनकाउंटर पर सवाल खड़े करते हुए पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है।
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि 'एनकाउंटर संस्कृति' बंद होनी चाहिए। उन्होंने मनेर में हुए पुलिस एनकाउंटर को बिहार में कानून के राज के दावे पर काला धब्बा बताया। साथ ही उन्होंने सम्राट सरकार पर पुलिसिया दमन का आरोप लगाते हुए कहा कि अपराधियों को सजा देने का अधिकार अदालत को है, लेकिन एनकाउंटर के जरिए संविधान और मानवाधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है। रोहिणी आचार्य ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच आयोग से निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
बता दें कि मनेर थाना क्षेत्र के शेरपुर इलाके में शुक्रवार को एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम अपराध नियंत्रण अभियान के तहत गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कई आपराधिक वारदातों में शामिल कुछ अपराधी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना से इलाके में जुटे हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो आरोप है कि अपराधियों ने पुलिस पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में मनेर थाना प्रभारी और उनकी टीम ने भी गोलियां चलाईं। मुठभेड़ में तीन आरोपी घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान अपराधियों की एक गोली मनेर थाना प्रभारी की वर्दी को छूकर निकल गई। पुलिस के अन्य जवानों को भी निशाना बनाया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस की ओर से कुल 18 गोलियां चलाई गईं, जबकि अपराधियों की तरफ से 24 से अधिक राउंड फायरिंग की गई।
पुलिस ने घटनास्थल से हथियार भी बरामद किए हैं। वहीं, तीन आरोपियों की मौत के बाद मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है और अब रोहिणी आचार्य ने पूरे एनकाउंटर की न्यायिक जांच की मांग उठाई है।





