ब्रेकिंग
नवरात्रि के बीच बिहार में बड़ा हादसा: सोन नदी में डूबने से तीन बच्चों समेत चार की मौत, परिजनों में मचा कोहराम✦13 बच्चों की मौत के बाद भी नहीं जागा प्रशासन! वैशाली में आज भी जुगाड़ वाली नाव से जान जोखिम में डाल रहे लोग✦‘कार्रवाई होगा त देखल जाएगा..’, जीतन राम मांझी को अनंत सिंह का दो टूक जवाब✦Patna Durga Puja : पटना का ये दुर्गा पूजा पंडाल क्यों है खास? 1 करोड़ से ज्यादा खर्च, 150 मुस्लिम कारीगरों की मेहनत✦Bihar STET Admit Card 2026: खत्म हुआ इंतजार! कल जारी होगा एडमिट कार्ड, 25 अक्टूबर से परीक्षा; ऐसे करें डाउनलोड✦नवरात्रि के बीच बिहार में बड़ा हादसा: सोन नदी में डूबने से तीन बच्चों समेत चार की मौत, परिजनों में मचा कोहराम✦13 बच्चों की मौत के बाद भी नहीं जागा प्रशासन! वैशाली में आज भी जुगाड़ वाली नाव से जान जोखिम में डाल रहे लोग✦‘कार्रवाई होगा त देखल जाएगा..’, जीतन राम मांझी को अनंत सिंह का दो टूक जवाब✦Patna Durga Puja : पटना का ये दुर्गा पूजा पंडाल क्यों है खास? 1 करोड़ से ज्यादा खर्च, 150 मुस्लिम कारीगरों की मेहनत✦Bihar STET Admit Card 2026: खत्म हुआ इंतजार! कल जारी होगा एडमिट कार्ड, 25 अक्टूबर से परीक्षा; ऐसे करें डाउनलोड

के.के. पाठक का नया फरमान : अब आंगनबाड़ी के बच्चों को भी पढ़ाएंगे सरकारी स्कूल के टीचर, निरीक्षण के लिए तैयार हुई सदस्यीय टीम

PATNA : शिक्षा विभाग के अवर मुख्य सचिव के के पाठक जबसे कमान संभाले हैं तब से वो एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। शिक्षा विभाग के अंदर पिछले दो महीनों में शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरत

के.के. पाठक का नया फरमान : अब आंगनबाड़ी के बच्चों को भी पढ़ाएंगे सरकारी स्कूल के टीचर, निरीक्षण के लिए तैयार हुई सदस्यीय टीम
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

PATNA : शिक्षा विभाग के अवर मुख्य सचिव के के पाठक जबसे कमान संभाले हैं तब से वो एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। शिक्षा विभाग के अंदर पिछले दो महीनों में शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरता हो जिस दिन कोई न कोई नया फरमान नहीं जारी होता है। इसी कड़ी में अब पाठक ने एक और नया फरमान जारी किया है। इसके मुताबिक़, अब राज्य के सरकारी टीचर जरूरत पड़ने पर आंगनबाड़ी के बच्चों को भी पढ़ाते हुए नजर आएंगे। इस नियम को लागू करवाने को लेकर शिक्षा विभाग के अवर मुख्य सचिव केके पाठक ने जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र जारी किया है। 


दरअसल, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक ने एक लेटर जारी करते हुए कहा है कि, राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को नजदीक के स्कूल से शीघ्र टैग करें। आवश्यकतानुसार स्कूल के शिक्षक टैग वाले केंद्रों के बच्चों को भी सप्ताह में एक-दो दिन पढ़ाएंगे। पाठक ने अधिकारियों को इस कार्य को जल्द पूरा करने को कहा है। पाठक ने यह भी निर्देश है कि आंगनबाड़ी केंद्रों को स्कूल में ही जरूरत के अनुसार एक या दो कमरे दिए जाएं। खासकर उन केंद्रों को जो किराये के भवन में चल रहे हैं। पाठक ने अपने आदेश में  कहा है कि आंगनबाड़ी केंद्रों को प्राइमरी और मिडिल स्कूल में जगह दी जाएगी। अगर जगह की दिक्कत हो तो आवश्यकतानुसार मिडिल स्कूलों में भी एक-दो कमरे आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए रिजर्व कर दिए जाएंगे। 


मालूम हो कि, वर्तमान में राज्य के अंदर जितने भी आंगनबाड़ी केंद्र हैं उनके अंदर आंगनबाड़ी सेविकाएं बच्चों को पढ़ाने का काम करती हैं। लेकिन, अब पाठक ने यह निर्देश दिया है कि अब जिन जगहों पर जरूरत नजर आएगी वहां सरकारी स्कूल के टीचर भी  आंगनबाड़ी केंद्र पर पढ़ाते हुए नजर आएंगे। फिलहाल आंगनबड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चे पहली कक्षा से स्कूल में जाते हैं और उन्हें एक अनजान टीचर से मिलना होता है। ऐसे में अगर छोटे बच्चे पहले से ही स्कूल में जाते रहेंगे और सरकारी टीचर से पढ़ते रहेंगे तो उन्हें एक बेहतर माहौल मिलेगा। पहली कक्षा में जब बच्चों का नामांकन होगा तो उनके अंदर किसी भी तरह कोई झिझक नहीं रहेगा। 


इधर, केके पाठक के निर्देश पर बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के तरफ से विद्यालय शिक्षा व्यवस्था निरीक्षण के लिए राज्य स्तरीय कार्यालय में पदस्थापित पदाधिकारियों के तरफ से औचक निरीक्षण करने के लिए भी शेड्यूल तय कर दिया गया है। पटना, नालंदा, सारण जिला में सोमवार से गुरुवार को 15 पदाधिकारियों की टीम स्कूलों के निरीक्षण करेगी। इसी तरह जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर अलग-अलग टीम निरीक्षण करेगी इसको लेकर 46 लोगों की लिस्ट तैयार की गई साथ ही साथ सभी इलाको के लिए पधाधिकारी का नाम तय कर दिया गया ह कि कौन से पधाधिकारी किस क्षेत्र में जाकर स्कूलों का निरीक्षण करेंगे।