Bihar Politics: वैशाली के राघोपुर में हुए नाव हादसे को लेकर बिहार की सियासत गर्म है। एक तरफ विपक्ष हादसे को लेकर सरकार पर लापरवाही का आरोप लगा रहा है तो वहीं सत्ताधारी दल भी अपनी ही सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होता देख जेडीयू के वरिष्ठ नेता श्याम रजक अपनी ही सरकार पर जमकर बरसे।
दरअसल, बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और सत्ताधारी जेडीयू के वरिष्ठ विधायक श्याम रजक ने नाव दुर्घटना को लेकर अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब सरकार की ओर से आदेश जारी किया गया था, तो उसका पालन क्यों नहीं हुआ? नाव दुर्घटना के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए और सरकार के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
श्याम रजक ने नाव दुर्घटना में प्रभावित परिवारों के लिए तेजस्वी यादव की ओर से जमीन की मांग किए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव के पास काफी जमीन है और उन्हें खुद अपनी जमीन पीड़ित परिवारों को देने की पहल करनी चाहिए।
तेजस्वी यादव के विधानसभा क्षेत्र राघोपुर में चिराग पासवान के विरोध को लेकर श्याम रजक ने कहा कि जनता का विरोध सही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चिराग पासवान वहां आकर बैठकर आराम कर रहे थे और उन्हें जनता की समस्याओं से कोई मतलब नहीं है।
वहीं जदयू विधायक अनंत सिंह की ओर से अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार का विरोध किए जाने के सवाल पर श्याम रजक ने कहा कि कौन क्या बोलता है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने दावा किया कि नीरज कुमार की जीत सुनिश्चित है और पार्टी पूरी एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में उतरी है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के भगवान प्रभु राम को लेकर दिए गए बयान पर श्याम रजक ने कहा कि पुरानी बातें छोड़ देनी चाहिए, क्योंकि वहां मंदिर बन चुका है। इस बयान के जरिए उन्होंने मामले पर आगे टिप्पणी करने से परहेज किया।
विधान परिषद चुनाव को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने और प्रचार अभियान शुरू करने के सवाल पर श्याम रजक ने दोनों दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ये लोग साथ बैठकर चाय पीते हैं और बाहर निकलने के बाद एक-दूसरे को गाली देते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इनका कोई वास्तविक गठबंधन नहीं है।
रिपोर्ट- प्रेम राज, पटना





