Bihar Politics: नीतीश कुमार ही एक बार फिर मुख्यमंत्री पद संभालेंगे? JDU ने नए पोस्टर ने सस्पेंस बढाया

Bihar Politics: जेडीयू द्वारा नीतीश कुमार के समर्थन वाला पोस्टर जारी होने के बाद बिहार में मुख्यमंत्री पद को लेकर नया सस्पेंस पैदा हो गया है, जिससे राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Sun, 16 Nov 2025 12:22:21 PM IST

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- फ़ोटो social media

Bihar Politics: बिहार की राजनीति इन दिनों एक बार फिर तेज़ हलचल से गुजर रही है। विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद भले ही एनडीए बहुमत के साथ सत्ता में लौट आया हो, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर बना सस्पेंस अब तक खत्म नहीं हुआ है। इसी बीच जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक ऐसा पोस्टर जारी किया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।


जेडीयू के इस पोस्टर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बड़ी तस्वीर के साथ लिखा है— “बिहार है खुशहाल, फिर से आ गए नीतीश कुमार।” कैप्शन में पार्टी ने टिप्पणी की “खुशहाल है बिहार... सुरक्षित है बिहार।” पोस्टर देखने के बाद राजनीतिक विश्लेषकों और जनता के बीच यह सवाल उठने लगा कि क्या जेडीयू संकेत दे रही है कि नीतीश कुमार ही एक बार फिर मुख्यमंत्री पद संभालेंगे?


एनडीए की ओर से अब तक आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा नहीं की गई है। गठबंधन में शामिल बीजेपी, जेडीयू, एलजेपी (रामविलास), हम और आरएलएम के शीर्ष नेताओं की बैठक जल्द होने वाली है, जिसमें नेतृत्व पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। लेकिन जेडीयू के इस पोस्टर ने औपचारिक निर्णय से पहले ही चर्चाओं का दरवाज़ा खोल दिया है। खास बात यह है कि यह पोस्टर ऐसे समय में जारी किया गया है जब बिहार की राजनीति में सत्ता संतुलन और सीएम पद को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं।


बता दें कि एनडीए में सबसे ज्यादा सीटें बीजेपी के पास हैं, जबकि जेडीयू दूसरे नंबर पर है। इसके बावजूद जेडीयू लगातार नीतीश कुमार को सुशासन का चेहरा और सर्वमान्य नेता बताती रही है। इसलिए इस पोस्टर को पार्टी का एक अप्रत्यक्ष दावा माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह पोस्टर जेडीयू की ओर से जनता और गठबंधन को यह संदेश देने की कोशिश है कि पार्टी नीतीश कुमार के विकल्प पर विचार करने के मूड में नहीं है। 


वहीं बीजेपी की ओर से भी कोई सार्वजनिक असहमति सामने नहीं आई है, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि शायद फैसला पहले ही तय हो चुका है। अब निगाहें एनडीए की होने वाली औपचारिक बैठक पर टिकी हैं, जहां मुख्यमंत्री पद पर अंतिम मुहर लगेगी। लेकिन इतना तय है कि जेडीयू के इस पोस्टर ने सस्पेंस को और बढ़ा दिया है और एक बार फिर बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार की भूमिका को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।