1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Nov 16, 2025, 1:51:35 PM
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Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद प्रशांत किशोर की अगुवाई वाली पार्टी जनसुराज ने परिणाम स्वीकार कर लिया है। पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई है। चुनाव नतीजों के बाद जनसुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने एनडीए की प्रचंड जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे खरीदा हुआ बहुमत बताया।
उदय सिंह ने आरोप लगाया कि बिहार में 40,000 करोड़ रुपये खर्च कर वोट खरीदे गए और राज्य के भविष्य को बहुमत के बदले बेच दिया गया। उनके अनुसार, जनता के वोट नकद में खरीदे गए और बहुमत फर्जी लागत पर हासिल किया गया है।
उन्होंने दावा किया कि विश्व बैंक से मिले एक प्रोजेक्ट फंड के 14,000 करोड़ रुपये भी इस चुनाव में वोट खरीदने के लिए खर्च किए गए, जिनका उपयोग कथित तौर पर लोगों के खातों में कैश ट्रांसफर करने में किया गया। उदय सिंह के मुताबिक, गरीबी और मजबूरी में जी रही जनता को जब बड़ी धनराशि मिली तो उन्होंने इसे वरदान समझा और इसी कारण एनडीए को भारी बहुमत मिला।
जनसुराज ने नई सरकार से मांग की है कि आने वाले मुख्यमंत्री साफ-सुथरी सरकार दें और कैबिनेट में किसी भी भ्रष्ट या दागी मंत्री को शामिल न किया जाए। पार्टी ने कहा कि पिछले मंत्रिमंडल में शामिल ऐसे लोगों को नई सरकार में जगह नहीं मिलनी चाहिए।
उदय सिंह ने कहा कि जनसुराज की नजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार द्वारा बिहार के लिए किए गए वादों पर बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि एक साल पहले जिस संकल्प के साथ हमने पार्टी शुरू की थी, वही दृढ़ता आगे भी जारी रहेगी। हम सरकार की नाकामियों और भ्रष्टाचार को उजागर करने का काम जारी रखेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि जनसुराज को विधानसभा में विपक्ष की भूमिका तो नहीं मिली, लेकिन जनता को पार्टी एक मजबूत बाहरी विपक्ष की तरह काम करती हुई मिलेगी। उदय सिंह ने कहा कि सरकार के हर कदम पर हमारी पैनी नजर बनी रहेगी।