ब्रेकिंग
बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल, पटना में 195 दारोगा का तबादला; शहरी क्षेत्र के 83 और ग्रामीण इलाके के 112 पुलिसकर्मी बदले, देखें पूरी लिस्ट..✦बिहार में 3 IPS अधिकारियों का तबादला, भानू प्रताप सिंह पुलिस मुख्यालय बुलाए गए, शैलेन्द्र सिंह बने खगड़िया SP✦बिहार विधान परिषद में बहाली में बड़ा खेल करके गये अवधेश बाबू! जांच में सनसनीखेज खुलासा, बड़े पैमाने पर रद्द हो सकती है नियुक्ति✦बिहार के रेल यात्रियों को राहत, पूर्व मध्य रेलवे ने 5 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का बढ़ाया परिचालन, देखें पूरा शेड्यूल✦भ्रष्ट इंजीनियर पर SVU का शिकंजा: 5 ठिकानों पर छापेमारी में मिले 31.42 लाख कैश, करोड़ों की जमीन-फ्लैट; 1 करोड़ से अधिक बैंक बैलेंस✦बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल, पटना में 195 दारोगा का तबादला; शहरी क्षेत्र के 83 और ग्रामीण इलाके के 112 पुलिसकर्मी बदले, देखें पूरी लिस्ट..✦बिहार में 3 IPS अधिकारियों का तबादला, भानू प्रताप सिंह पुलिस मुख्यालय बुलाए गए, शैलेन्द्र सिंह बने खगड़िया SP✦बिहार विधान परिषद में बहाली में बड़ा खेल करके गये अवधेश बाबू! जांच में सनसनीखेज खुलासा, बड़े पैमाने पर रद्द हो सकती है नियुक्ति✦बिहार के रेल यात्रियों को राहत, पूर्व मध्य रेलवे ने 5 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का बढ़ाया परिचालन, देखें पूरा शेड्यूल✦भ्रष्ट इंजीनियर पर SVU का शिकंजा: 5 ठिकानों पर छापेमारी में मिले 31.42 लाख कैश, करोड़ों की जमीन-फ्लैट; 1 करोड़ से अधिक बैंक बैलेंस

नीतीश के मंत्री को बड़ी राहत, इस पुराने मामले में कोर्ट ने किया बरी

DARBHANGA: दरभंगा की एमपी-एमएलए कोर्ट ने करीब 15 साल पुराने आपराधिक मामले में नीतीश कैबिनेट के मंत्री को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने बिहार सरकार के समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी को साक

नीतीश के मंत्री को बड़ी राहत, इस पुराने मामले में कोर्ट ने किया बरी
Mukesh Srivastava
2 मिनट

DARBHANGA: दरभंगा की एमपी-एमएलए कोर्ट ने करीब 15 साल पुराने आपराधिक मामले में नीतीश कैबिनेट के मंत्री को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने बिहार सरकार के समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। मंत्री पर आरोप था कि उन्होंने चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया था।


दरअसल, 13 जुलाई 2009 को तत्कालीन जिला परिषद अध्यक्ष मदन सहनी बहादुर प्रखंड कार्यालय स्थित मतदान केंद्र में अपनी लाल बत्ती लगी गाड़ी लेकर घुस गए थे। उस वक्त गाड़ी में उनके साथ करीब आधे दर्जन समर्थक की मौजूद थे। जब उन्हें ऐसा करने से रोका गया तो उन्होंने गाड़ी की गति बढ़ा दी थी और तुरंत वापस आ गए थे।


जिसके बाद तत्कालीन पदाधिकारी परशुराम ने बहादुरपुर थाने में मदन सहनी के खिलाफ आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। इस मामले में तीन नवंबर 2010 को मदन सहनी के खिलाफ आरोप गठन किया गया था। लंबी सुनवाई के बाद दरभंगा की एमपी-एमएलए कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में मदन सहनी को शनिवार को बरी कर दिया।

टैग्स