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कैबिनेट विस्तार को लेकर नीतीश के सामने सबसे बड़ी चुनौती, ज्यादा MLC को एडजस्ट किया तो विधायक टूट जायेंगे

PATNA : नई सरकार के गठन के बाद लगातार कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासी दांव पेंच जारी है. कई नामों की चर्चा कैबिनेट को लेकर हो रही है लेकिन जनता दल यूनाइटेड के कोटे से मंत्री कौन बने

कैबिनेट विस्तार को लेकर नीतीश के सामने सबसे बड़ी चुनौती, ज्यादा MLC को एडजस्ट किया तो विधायक टूट जायेंगे
Mukesh Srivastava
2 मिनट

PATNA : नई सरकार के गठन के बाद लगातार कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासी दांव पेंच जारी है. कई नामों की चर्चा कैबिनेट को लेकर हो रही है लेकिन जनता दल यूनाइटेड के कोटे से मंत्री कौन बनेंगे इसको लेकर नीतीश कुमार के सामने एक बड़ी अजीबोगरीब हालत हो गई है.


नीतीश कुमार के सामने सबसे बड़ी चुनौती कैबिनेट के चेहरों को चयन को लेकर है. दरअसल, नीतीश कुमार जिन चेहरों को कैबिनेट में जगह देना चाहते हैं वह विधान परिषद से आते हैं और विधान पार्षदों को कैबिनेट में ज्यादा प्रतिनिधित्व दिया गया तो विधायकों को एकजुट रख पाना बड़ी चुनौती होगी. नीतीश कुमार ने पिछली सरकार में संजय कुमार झा और अशोक चौधरी को विधान पार्षद होने के बावजूद अपने मंत्रिमंडल में जगह दी थी लेकिन अब उपेंद्र कुशवाहा को भी मंत्री बनाए जाने की चर्चा है. उपेंद्र कुशवाहा भी जेडीयू के विधान पार्षद है. ऐसे में अगर तीन विधान पार्षदों को कैबिनेट में जगह दी गई तो विधायकों की नाराजगी बढ़ सकती है. विधायकों को एकजुट रख पाना नीतीश कुमार के लिए फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती है. नीतीश किसी भी हाल में विधायकों को नाराज करने का जोखिम नहीं लेना चाहेंगे.


विधायक अगर नाराज हुए तो बीजेपी उन पर नजर गड़ाए बैठी है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि नीतीश कुमार इनमें से किन विधान पार्षदों को अपनी कैबिनेट में जगह देंगे. उपेंद्र कुशवाहा,संजय कुमार झा और अशोक चौधरी में से किन लोगों को मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी, अगर तीनों मंत्री बने तो नीतीश कुमार क्या विधायकों की नाराजगी का जोखिम उठा पाने की स्थिति में है यह भी एक बड़ा सवाल है. इस पूरी राजनीतिक स्थिति पर फर्स्ट बिहार की स्पेशल रिपोर्ट देखिए.



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