ब्रेकिंग
कचरे से बनी हाइड्रोजन गैस से दौड़ेंगी दिल्ली की बसें? केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताई भविष्य की योजनाऑपरेशन 'नया सवेरा 3.0' के तहत अरवल में बड़ी कार्रवाई, 14 लड़कियों का रेस्क्यू, आर्केस्ट्रा संचालक गिरफ्तारशराबबंदी पर सवाल : जहानाबाद सदर अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों का कथित शराब पार्टी का वीडियो वायरलजमुई में कुख्यात बालू तस्कर मंटू यादव गिरफ्तार, हथियार और 10 जिंदा कारतूस बरामदबिहार के भ्रष्ट अफसरों के 102 करोड़ की संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू...32 Cr की प्रॉपर्टी कर ली गई सीजकचरे से बनी हाइड्रोजन गैस से दौड़ेंगी दिल्ली की बसें? केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताई भविष्य की योजनाऑपरेशन 'नया सवेरा 3.0' के तहत अरवल में बड़ी कार्रवाई, 14 लड़कियों का रेस्क्यू, आर्केस्ट्रा संचालक गिरफ्तारशराबबंदी पर सवाल : जहानाबाद सदर अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों का कथित शराब पार्टी का वीडियो वायरलजमुई में कुख्यात बालू तस्कर मंटू यादव गिरफ्तार, हथियार और 10 जिंदा कारतूस बरामदबिहार के भ्रष्ट अफसरों के 102 करोड़ की संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू...32 Cr की प्रॉपर्टी कर ली गई सीज

‘बिहार तो संभल नहीं रहा है.. उनको कौन स्वीकार करेगा’ पटना में नीतीश के समर्थन पोस्टर लगने पर बोले नित्यानंद

DELHI: दिल्ली में इंडी गठबंधन की बैठक से पहले पटना में नीतीश कुमार को नेतृत्व सौंपने वाले पोस्टर को लेकर सियासत तेज हो गई है। आनन-फानन में सभी पोस्टर्स को हटा तो लिया गया है ल

‘बिहार तो संभल नहीं रहा है.. उनको कौन स्वीकार करेगा’ पटना में नीतीश के समर्थन पोस्टर लगने पर बोले नित्यानंद
Mukesh Srivastava
2 मिनट

DELHI: दिल्ली में इंडी गठबंधन की बैठक से पहले पटना में नीतीश कुमार को नेतृत्व सौंपने वाले पोस्टर को लेकर सियासत तेज हो गई है। आनन-फानन में सभी पोस्टर्स को हटा तो लिया गया है लेकिन बात दिल्ली तक पहुंच गई है। एक तरफ जेडीयू ने पोस्टर को लेकर सफाई दी है तो वहीं बीजेपी ने इसको लेकर तंज किया है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद ने दिल्ली में कहा कि नीतीश कुमार को बिहार के लोग तो देखना नहीं चाहते उन्हें देश की जनता क्यों देखना चाहेगी।


नित्यानंद राय ने कहा कि बिहार की जो हालत नीतीश कुमार ने बना दी है और बिहार की सरकार की जो स्थिति है उससे हर कोई वाकिफ है। बिहार में विधि व्यवसथा चौपट हो गई है, विकास नाम की कोई चीज नहीं है। जो भी विकास के काम हो रहे हैं वह केंद्र के पैसों से किए जा रहे हैं। ऐसे में जो बिहार को नहीं संभाल पा रहे हैं तो उनको कौन स्वीकार करने वाला है। राजनीतिक में नीतीश कुमार का कोई महत्व नहीं रह गया है। जब बिहार के लोग नीतीश कुमार को नहीं देखना चाहते हैं तो देश का तो सवाल ही नहीं उठता।


बता दें कि दिल्ली में इंडी गठबंधन की बैठक से पहले पटना में नीतीश को नेता बनाने की मांग उठ गई। पटना की सड़कों पर नीतीश के समर्थन में पोस्टर तो जरूर लगाए गए हैं। पोस्टर में नीतीश की तस्वीर को बड़े लीडर के तौर पर दिखाई गई है और लिखा गया है कि, “अगर सच में जीत चाहिए तो फिर एक निश्चय चाहिए एक नीतीश चाहिए”। पटना की सड़कों पर ये पोस्टर किसकी तरफ से लगाए गए हैं इसे छिपाने की कोशिश की गई हालांकि जब मीडिया में खबरें आईं तो आनन-फानन में सभी पोस्टर हटा लिए गए।