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बिहार में अमीन और राजस्व कर्मियों का ट्रांसफर अब जिले से बाहर नहीं होगा, सरकार ने तबादला नीति में किया बदलाव

PATNA : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में तबादलों को लेकर पिछले दिनों सरकार के अंदर गतिरोध देखने को मिला था। मंत्री रामसूरत राय ने जो तबादले किए उस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रोक

बिहार में अमीन और राजस्व कर्मियों का ट्रांसफर अब जिले से बाहर नहीं होगा, सरकार ने तबादला नीति में किया बदलाव
Tejpratap
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PATNA : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में तबादलों को लेकर पिछले दिनों सरकार के अंदर गतिरोध देखने को मिला था। मंत्री रामसूरत राय ने जो तबादले किए उस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रोक लगा दी थी। कैबिनेट की बैठक में बिहार अमीन सह राजस्व कर्मचारी संवर्ग नियमावली को लेकर भी बड़ा बदलाव देखने को मिला था और अब इसका असर विभाग के कर्मियों पर पड़ेगा। राज्य में अमीन और राजस्व कर्मियों का तबादला जिले से बाहर नहीं होगा। सरकार ने यह बड़ा फैसला किया है। नीतीश सरकार ने बिहार अमीन सह राजस्व कर्मचारी संवर्ग नियमावली 2022 को रद्द किया था इसके बाद पुराने संवर्ग नियमावली 2013 को लागू कर दिया गया था। 


नियमावली में बदलाव के फैसले के बाद अब अमीन और राजस्व कर्मचारी जहां पहले से तैनात हैं फिलहाल वहीं उनकी पोस्टिंग बनी रहेगी। नई नियमावली में यह व्यवस्था की गई थी कि 3 साल से ज्यादा समय पर एक स्थान पर जमे अमीन और राजस्व कर्मचारियों का तबादला किया जाएगा। इन तबादलों में एक प्रमंडल छोड़कर दूसरे में तबादले की नीति थी। मकसद यह था कि एक पंचायत या एक ही जगह पर 10 साल या इससे ज्यादा अर्से से जमे कर्मचारियों को हटाया जाए लेकिन नई नियमावली निरस्त कर दी गई है। इसके बाद पुरानी व्यवस्था फिर से लागू हो गई है यानी फिलहाल कोई भी कर्मी अपने स्थान से नहीं हटेंगे।


पुरानी नियमावली सक्रिय होने के साथ एक बार फिर से जिलाधिकारियों के पास यह अधिकार मिल गया है कि वह अमीन और राजस्व कर्मियों का तबादला जिले के अंदर कर पाएंगे। नई नियमावली में यह अधिकार जिलाधिकारियों से ले लिया गया था। ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर सभी अधिकार विभाग के पास आ गए थे लेकिन अब एक बार फिर से पुरानी व्यवस्था लागू कर दी गई है। जानकार सूत्रों के मुताबिक नई नियमावली रद्द होने से अमीन और कर्मचारी की मनमानी पर अंकुश नहीं लग पाएगा। बताया जा रहा है कि नई नियमावली का विरोध विभाग के एक तबके में बड़े पैमाने पर देखने को मिल रहा था। इससे लेकर कुछ लोगों को समस्या होने लगी थी, इसके बाद सरकार इस तबके के सामने कहीं न कहीं नरम पड़ती नजर आई है और आखिरकार पुरानी नियमावली को ही लागू कर दिया गया है।

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Tejpratap

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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