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बिहार में शराबबंदी पर सियासी घमासान: तेजस्वी के आरोपों पर JDU का पलटवार, कहा- पहले अपनी मां-बहन और पत्नी का साइन लेकर आएं

Bihar Politics: बिहार में शराबबंदी को लेकर तेजस्वी यादव के आरोपों पर जदयू ने तीखा पलटवार किया है. दोनों पक्षों के बीच कानून की सफलता-विफलता पर सियासी बहस तेज हो गई है.

Bihar Politics
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Politics: बिहार में शराबबंदी को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार जुबानी जंग तेज होती जा रही है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने हाल ही में अपने एक्स अकाउंट पर शराबबंदी कानून को पूरी तरह विफल बताते हुए कई सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि इस कानून के कारण बिहार में अवैध शराब का कारोबार करीब 40 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।


तेजस्वी यादव के इन आरोपों पर जनता दल (यूनाइटेड) ने कड़ा पलटवार किया है। जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि तेजस्वी यादव सिर्फ सवाल खड़े कर रहे हैं, लेकिन कोई ठोस सुझाव नहीं दे रहे। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि तेजस्वी अपनी मां, पत्नी, बहन और परिवार के अन्य सदस्यों से लिखित में हस्ताक्षर करवाएं कि शराबबंदी कानून गलत है और इसे खत्म किया जाना चाहिए।


नीरज कुमार ने आगे कहा कि राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं और उनके परिवारों को भी इस मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के दौरान राजद को शराब कंपनियों से 46 करोड़ 64 लाख रुपये मिले थे, जिसे भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए।


इससे पहले तेजस्वी यादव ने कहा था कि शराबबंदी लागू हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन यह कानून अपने उद्देश्य में पूरी तरह विफल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन और शराब माफिया के गठजोड़ ने इसे कमजोर कर दिया है।


तेजस्वी ने यह भी कहा कि शराबबंदी बिहार का सबसे बड़ा संस्थागत भ्रष्टाचार बन गया है, जिससे एक समानांतर अवैध अर्थव्यवस्था खड़ी हो गई है। उन्होंने बताया कि अब तक 11 लाख मामले दर्ज किए गए हैं, 16 लाख से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हुई है और 5 करोड़ लीटर से अधिक शराब बरामद की जा चुकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अवैध कारोबार हो रहा है, तो सरकार जिम्मेदार अधिकारियों और प्रशासनिक तंत्र पर कार्रवाई क्यों नहीं करती।

रिपोर्ट- प्रेम राज, पटना

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Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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