Bihar News: बिहार की जनता चेहरे पर खुशहाली लाने का प्रयास शुरू हो गया है. सूबे की नई सरकार इस कोशिश में जुट गई है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बता दिया है कि जनता राज स्थापित करना है. अपने अधिकारियों को साफ-साफ हिदायत दे दी है, जनता को परेशान करने की मानसिकता का त्याग करें,वरना सरकार आपका त्याग कर देगी. सीएम सम्राट ने बता दिया है, हमें नेता और अफसर का राज नहीं बल्कि जनता का राज चाहिए।
सीएम सम्राट ने लक्ष्य की ओर बढ़ाया कदम....
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने लक्ष्य की ओर बढ़ चले हैं. लक्ष्य है बिहार की जनता की समस्या को दूर करना, परेशान जनता की चेहरे पर खुशी लाना. लिहाजा अधिकारियों के बीच मैसेज पास किया है, हमें जो चाहिए वो हर हाल में करना होगा. सम्राट चौधरी के एक्शन के बाद ब्यूरोक्रेसी में हड़कंप है. मुख्यमंत्री ने मैसेज दिया है..लटकाने और भटकाने के दिन लद गए. अब ऐसा नहीं चलेगा. जनता की सेवा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, इससे समझौता नहीं होगा.
ब्यूरोक्रेसी को बता दिया- अफसर राज नहीं जनता का राज चलेगा
मुख्यमंत्री ने 30 अप्रैल को सूबे के जिलाधिकारी-पुलिस अधीक्षक और तमाम वरीय अधिकारियों के बीच अपने फार्मूले को बता दिया . उन्होंने बता दिया कि, हमारी चाहत क्या है. मुख्य रूप से उन्होंने 1-6 बिंदुओं पर काम करने को कहा है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि क्राइम, करप्शन और कम्युनिलिज्म से कोई समझौता नहीं होगा. विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी संवेदनशीलता, तत्परता और पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ जनसेवा सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि राज्य में कानून का राज कायम रखें और जनता को इसका सीधा लाभ मिले, ये सुनिश्चित करें। सुशासन तभी स्थापित दिखेगा जब इसका लाभ त्वरित रूप से समय पर मिलेगा। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाएं. जो भी कानून है और योजनाएं बनाई गई हैं, उसे जमीन पर ठीक ढंग से लागू करें।
जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक अपने कार्यालय में निश्चित रूप से सुबह 10 से दिन में 1 बजे तक बैठें, लोगों से मिलें और उनकी समस्याओं का समाधान करें। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए इस पर व्यवस्थित ढंग से काम करें।
बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा पर किसी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। पुलिस दीदी का कॉन्सेप्ट लाया गया है उसको बेहतर ढंग से क्रियान्वित करें। शराबबंदी के सफल क्रियान्वयन को लेकर बेहतर ढंग से कार्य करें। शराब बेचनेवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। जो कारोबार अवैध है उसे पूरी तरह ध्वस्त करें। शराब और मादक पदार्थों की तस्करी में पुलिस और प्रशासन के जो लोग संरक्षण प्रदान कर रहे हैं उन्हें चिह्नित कर सख्त कार्रवाई करें।
लटकाने-भटकाने की प्रवृत्ति नहीं रखें, अधिकारी और पुलिस जनता के सहयोगी की भूमिका में रहें। ब्लॉक, अंचल एवं थाना का मुख्यमंत्री कार्यालय प्रतिदिन रियल मॉनीटरिंग करेगा और कार्यों की समीक्षा की जाएगी। ब्लॉक, अंचल एवं थाने में सी०सी०टीवी अवश्य लगाएं ताकि वहां की गतिविधियों और अवांछित लोगों पर नजर रखी जा सके।
सभी जिलों में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने की योजना बनाई गयी है जिस पर तेजी से काम करें। मरीजों को रेफर करने की प्रवृत्ति खत्म करें, लोगों को इलाज करने की प्रवृत्ति विकसित करें। 1 जुलाई तक सभी जिला अस्पताल और 15 अगस्त तक अनुमंडल अस्पताल को और विशिष्ट बनाएं और यह सुनिश्चित करें कि मरीजों को बाहर रेफर नहीं किया जाय।
मॉडल स्कूल को नेतरहाट और सिमुलतला विद्यालय की तर्ज पर विकसित करें। सभी 533 प्रखंड में मॉडल स्कूल बनाने के लिए पूर्णरूपेण कार्य करें। विद्यालय को ऐसा विशिष्ट बनाएं कि वहां बच्चे को पढ़ाने के लिए लोग उत्सुक रहें।
बिहार के पदाधिकारियों/कर्मचारियों को बिहार दर्शन के लिए दो दिन की छुट्टी दी जाएगी। जिस दौरान वे बिहार के गौरवशाली अतीत, इतिहास और यहां की विरासत को ठीक ढंग से जानेंगे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधऱी ने एक बड़ा मास्टर स्ट्रोक लगाया है. अगर यह सफळ हो गया तो निश्चित रूप से गांव-गांव की समस्या दूर होगी. पंचायतों में महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को अधिकारी सहयोग शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के अंदर करेंगे. इसकी शुरूआत 19 मई से होने वाली है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी राज्य स्तरीय सहयोग शिविर में शामिल होंगे.

