ब्रेकिंग
वीडियो वायरल करने की धमकी देकर महिला सिपाही से ऐंठे 10.83 लाख... फिर पति को फंसाने की रची साजिश✦अखिलेश के ‘कचौड़ी-समोसा’ वाले तंज पर BJP का पलटवार, बोली- ‘दो इडली, एक डोसा, नरेंद्र मोदी देश का भरोसा’✦दुर्गापूजा, दिवाली और छठ पर घर लौटना होगा आसान, पंजाब से बिहार के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेन, जानिए रूट और ठहराव✦प्रीता वर्मा अगले आदेश तक बनी रहेंगी बिहार की कार्यवाहक DGP, सरकार ने जारी किया आदेश✦हिंदू बनकर प्रेम जाल में फंसाया... फिर 6 साल तक करता रहा शोषण, बाद में शादी से किया इनकार; थाने पहुंचा मामला✦वीडियो वायरल करने की धमकी देकर महिला सिपाही से ऐंठे 10.83 लाख... फिर पति को फंसाने की रची साजिश✦अखिलेश के ‘कचौड़ी-समोसा’ वाले तंज पर BJP का पलटवार, बोली- ‘दो इडली, एक डोसा, नरेंद्र मोदी देश का भरोसा’✦दुर्गापूजा, दिवाली और छठ पर घर लौटना होगा आसान, पंजाब से बिहार के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेन, जानिए रूट और ठहराव✦प्रीता वर्मा अगले आदेश तक बनी रहेंगी बिहार की कार्यवाहक DGP, सरकार ने जारी किया आदेश✦हिंदू बनकर प्रेम जाल में फंसाया... फिर 6 साल तक करता रहा शोषण, बाद में शादी से किया इनकार; थाने पहुंचा मामला

‘संवैधानिक पदों पर नियुक्ति में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी’, एडवोकेट जनरल की नियुक्ति पर देव ज्योति ने उठाए सवाल

वीआईपी के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता देव ज्योति ने बिहार के एडवोकेट जनरल एस. डी. संजय की नियुक्ति को लेकर संवैधानिक सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार से नियुक्ति प्रक्रिया, पात्रता सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।

Bihar Politics
Mukesh Srivastava
4 मिनट

Bihar Politics: विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता देव ज्योति ने बिहार के एडवोकेट जनरल की नियुक्ति को लेकर गंभीर संवैधानिक सवाल उठाते हुए बिहार सरकार और विधि विभाग से नियुक्ति प्रक्रिया, पात्रता सत्यापन तथा अपनाई गई कानूनी प्रक्रिया को सार्वजनिक करने की मांग की है।



उन्होंने कहा कि एडवोकेट जनरल का पद कोई सामान्य सरकारी पद नहीं, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 165 के तहत स्थापित राज्य का महत्वपूर्ण संवैधानिक पद है। इसलिए इस मामले को किसी व्यक्ति विशेष के पक्ष या विपक्ष में अभियान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि संविधान की सर्वोच्चता और संवैधानिक प्रक्रियाओं के पालन के सवाल के रूप में देखा जाना चाहिए।



देव ज्योति ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 165 के तहत राज्य के एडवोकेट जनरल की नियुक्ति का प्रावधान है और नियुक्त व्यक्ति में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए निर्धारित संवैधानिक योग्यता होनी चाहिए। ऐसे में बिहार के वर्तमान एडवोकेट जनरल एस. डी. संजय की नियुक्ति को लेकर उठ रहे सवालों पर सरकार को स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब देना चाहिए।



उन्होंने कहा कि बिहार सरकार यह स्पष्ट करे कि नियुक्ति से पहले अनुच्छेद 165(1) के तहत आवश्यक संवैधानिक पात्रता का सत्यापन किस प्रक्रिया और किस आधार पर किया गया। क्या नियुक्ति से पूर्व संबंधित व्यक्ति की संवैधानिक पात्रता को लेकर स्वतंत्र कानूनी राय ली गई थी? क्या राज्य सरकार और विधि विभाग ने नियुक्ति से पहले संविधान के अनुच्छेद 165 और 217 के प्रावधानों तथा उनकी प्रासंगिक संवैधानिक व्याख्या पर विधिवत विचार किया था?



वीआईपी प्रवक्ता ने कहा कि संवैधानिक पदों की गरिमा और विश्वसनीयता तभी कायम रह सकती है, जब उनकी नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी और संविधान के अनुरूप हो। उन्होंने मांग की कि सरकार एडवोकेट जनरल की नियुक्ति के लिए अपनाई गई संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक करे तथा यह स्पष्ट करे कि पात्रता सत्यापन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज और मानदंड अपनाए गए।



देव ज्योति ने कहा कि यदि इस मामले में कोई कानूनी राय या पात्रता संबंधी परीक्षण किया गया है, तो उसके संबंध में भी उचित स्तर की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। यदि जांच में किसी अनिवार्य संवैधानिक आवश्यकता के उल्लंघन का वास्तविक आधार सामने आता है, तो सरकार को निष्पक्ष समीक्षा कर संविधान और कानून के अनुरूप उचित कदम उठाना चाहिए।



उन्होंने कहा कि यह किसी व्यक्ति के खिलाफ व्यक्तिगत अभियान नहीं है। सवाल केवल इतना है कि राज्य के सर्वोच्च विधि अधिकारी के पद पर नियुक्ति संविधान में निर्धारित मानकों और प्रक्रिया के अनुरूप हुई है या नहीं। लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए ऐसे सवालों का स्पष्ट, विधिसम्मत और पारदर्शी जवाब देना आवश्यक है।



देव ज्योति ने कहा कि संविधान सर्वोपरि है और संवैधानिक पद किसी राजनीतिक या व्यक्तिगत पसंद से नहीं, बल्कि संविधान में निर्धारित व्यवस्था के अनुसार संचालित होने चाहिए। कानून सभी के लिए समान है और किसी भी संवैधानिक पद को इससे अलग नहीं माना जा सकता।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता