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बांकीपुर उपचुनाव से पहले जन सुराज में बड़ी सेंध, कई दिग्गज भाजपा में शामिल

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले जन सुराज पार्टी को बड़ा झटका लगा। गणितविद् प्रो. केसी सिन्हा, बिट्टू सिंह और गोपाल सिंह समेत कई नेताओं ने भाजपा का दामन थाम लिया। इससे बिहार की राजनीति और उपचुनाव के समीकरणों पर असर पड़ने की चर्चा तेज हो गई है।

बिहार न्यूज
बांकीपुर उपचुनाव से पहले बदले सियासी समीकरण
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

PATNA: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले जन सुराज पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के कई प्रमुख नेताओं ने बुधवार को भाजपा का दामन थाम लिया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इन सभी नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई। 


जन सुराज छोड़कर भाजपा में आए नेताओं में बिहार के प्रसिद्ध गणितविद् और शिक्षाविद् प्रो. केसी सिन्हा, दीघा विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी बिट्टू सिंह और  मनेर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी गोपाल सिंह शामिल हैं। इन नेताओं के बीजेपी में शामिल होने से बांकीपुर उपचुनाव के बीच बिहार की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।


जन सुराज के लिए बढ़ी चुनौती

राजनीतिक के जानकारों का यह मानना है कि उपचुनाव के दौरान जन सुराज के प्रमुख नेताओं का बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करना पार्टी के लिए संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तर पर बड़ा झटका है। ऐसे समय में, जब पार्टी उपचुनाव के जरिए अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने की कोशिश कर रही है, तब वरिष्ठ नेताओं का साथ छोड़ना उसकी रणनीति को प्रभावित कर सकता है।


शिक्षा जगत में बड़ा नाम हैं प्रो. केसी सिन्हा

प्रो. केसी सिन्हा बिहार ही नहीं, बल्कि देशभर में गणित शिक्षा के क्षेत्र का जाना-पहचाना नाम हैं। भोजपुर के रहने वाले केसी सिन्हा ने BSC और MSC दोनों परीक्षाओं में स्वर्ण पदक हासिल किया है। इसके बाद पटना साइंस कॉलेज में गणित के प्रोफेसर के रूप में लंबे समय तक बच्चों को पढ़ाए। शिक्षण कार्य के साथ-साथ उन्होंने गणित विषय पर 70 से अधिक पुस्तकें लिखीं, जो प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी करने वाले लाखों विद्यार्थियों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।


2025 में जन सुराज से लड़ा था चुनाव

प्रो. केसी सिन्हा ने वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। जन सुराज पार्टी ने उन्हें पटना की कुम्हरार विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था। लेकिन त्रिकोणीय मुकाबले में उन्हें सफलता नहीं मिली। बीजेपी प्रत्याशी संजय कुमार चुनाव जीत गये। वही कांग्रेस प्रत्याशी इंद्रदीप चंद्रवंशी दूसरे स्थान पर रहे जबकि प्रो. केसी सिन्हा को 15,017 वोट मिले और वो तीसरे स्थान पर रहे।


उपचुनाव में बढ़े सियासी मायने

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के बीच प्रो. केसी सिन्हा, बिट्टू सिंह और गोपाल सिंह का भाजपा में शामिल होना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पटना और आसपास के क्षेत्रों में प्रो. केसी सिन्हा की शैक्षणिक पहचान, छात्रों और शिक्षकों के बीच उनकी लोकप्रियता भाजपा के लिए सकारात्मक माहौल बनाने में मददगार मानी जा रही है। वहीं, जन सुराज के लिए यह घटनाक्रम एक बड़ी संगठनात्मक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। बिहार में जनाधार मजबूत करने की कोशिश कर रही पार्टी के लिए लगातार प्रमुख नेताओं का पाला बदलना आगामी राजनीतिक रणनीति पर असर डाल सकता है। प्रो. केसी सिन्हा, बिट्टू सिंह और गोपाल सिंह का भाजपा में शामिल होना बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।