Bihar Politics: मुजफ्फरपुर में लोजपा (रामविलास) विधायक अमित कुमार रानू से जुड़े जमीन विवाद और रंगदारी के मामलों की जांच अब तेज हो गई है. विधायक के निजी आवास समेत करीब डेढ़ दर्जन ठिकानों पर पुलिस ने छापेमारी की है. मामले में अब तक करीब दो दर्जन कांड दर्ज होने की जानकारी सामने आई है और विधायक अमित कुमार रानू को भी नामजद किया गया है.
पुलिस की कार्रवाई विधायक के भाई सोनू सिंह की गिरफ्तारी को लेकर भी लगातार जारी है. सोनू सिंह की तलाश में मुजफ्फरपुर के अलावा वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, मोतिहारी और बेतिया तक पुलिस की टीमों ने छापेमारी की है. हालांकि, अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. वहीं विधायक अमित कुमार रानू के दिल्ली चले जाने की जानकारी सामने आई है.
मुजफ्फरपुर में विधायक के आवास पर हुई छापेमारी के दौरान तीन डीएसपी के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा. पुलिस ने कई घंटे तक घर की तलाशी ली. इस दौरान कई स्टांप पेपर, जमीन से जुड़े कागजात और कंस्ट्रक्शन कंपनी से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए हैं. पुलिस को एक हस्ताक्षर किया हुआ स्टांप पेपर भी मिला है, जिसे प्रथम दृष्टया संदिग्ध बताया गया है.
एसएसपी कांतेश मिश्रा के अनुसार, पूरी कार्रवाई जमीन विवाद से जुड़े मामले की जांच के तहत की गई है. 20 अगस्त को अहियापुर थाना क्षेत्र के झपहां डीह में जमीन की चहारदीवारी और निर्माणाधीन मकानों में तोड़फोड़ की घटना सामने आई थी. इस मामले की जांच के दौरान विधायक के भाई सोनू सिंह की कथित संलिप्तता सामने आई. जांच में विधायक की भूमिका भी सामने आने की बात पुलिस की ओर से कही गई है.
जानिए क्या है पूरा मामला
अहियापुर थाना क्षेत्र के झपहां डीह में 20 अगस्त को हथियारबंद लोगों का एक बड़ा समूह कई वाहनों और जेसीबी के साथ पहुंचा था. आरोप है कि जमीन पर कब्जे की नीयत से चहारदीवारी और निर्माणाधीन मकानों में तोड़फोड़ की गई.
जमीन मालिक प्रहलाद कुमार ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया था कि करीब 50 लोग जेसीबी, थार और मोटरसाइकिल से मौके पर पहुंचे थे. उनके अनुसार, एक वाहन पर लोजपा (रामविलास) के प्रधान महासचिव का बोर्ड लगा हुआ था. मौके पर पहुंचने के बाद लोगों ने उनकी जमीन की चहारदीवारी और अन्य निर्माण को तोड़ना शुरू कर दिया.
प्रहलाद कुमार के अनुसार, जब उन्होंने और अन्य जमीन मालिकों ने इसका विरोध किया और घटना का वीडियो बनाने की कोशिश की तो उनके साथ मारपीट की गई. उन्होंने मोबाइल फोन तोड़ने और सोने की चेन छीनने का भी आरोप लगाया था.
मामले को लेकर 20 अगस्त को अहियापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई. शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर सुमित कुमार श्रीवास्तव और सन्नी सिंह को गिरफ्तार किया था. पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों से विधायक और उनके भाई की कथित संलिप्तता से जुड़ी जानकारी मिली.
दो दर्जन से अधिक मामलों तक पहुंचा मामला
पुलिस के अनुसार, शुरुआती प्राथमिकी के बाद मामले में लगातार नए आवेदन और कांड सामने आए हैं. अब तक करीब दो दर्जन मामले दर्ज होने की बात कही जा रही है. इनमें जमीन विवाद, कब्जा, रंगदारी और मारपीट समेत अलग-अलग आरोपों से जुड़े मामले शामिल हैं.
जांच के दौरान पुलिस विधायक, उनके भाई और उनसे जुड़े लोगों के बैंक खातों में हुए लेनदेन की भी जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि संदिग्ध आर्थिक लेनदेन की जानकारी मिलने पर इसकी रिपोर्ट आर्थिक अपराध इकाई को दी जाएगी.
विधायक के भाई की तलाश में कई जिलों में छापेमारी
सोनू सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने मुजफ्फरपुर के साथ-साथ वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, मोतिहारी और बेतिया में भी अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी है. पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों की तलाशी ले रही हैं.
पुलिस के पहुंचने से पहले सोनू सिंह के वहां से निकल जाने की बात सामने आई है. अब पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही है.
संपत्ति और बैंक खातों की भी जांच
एसएसपी कांतेश मिश्रा ने बताया कि विधायक, उनके भाई और मामले में नामजद तथा अज्ञात आरोपितों से जुड़े बैंक खातों के लेनदेन की जांच की जा रही है. पुलिस उनकी संपत्तियों का भी आकलन कर रही है.
जांच में यदि अवैध गतिविधियों से संपत्ति अर्जित करने की पुष्टि होती है तो उसे जब्त करने की कार्रवाई के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा. आर्थिक लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच में आर्थिक अपराध इकाई से भी सहयोग लिया जाएगा.
चार घंटे से अधिक चली विधायक के आवास की तलाशी
कोर्ट से सर्च वारंट मिलने के बाद पुलिस टीम ने विधायक के निजी आवास पर छापेमारी की. तीन डीएसपी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने घर के अलग-अलग हिस्सों की तलाशी ली. इस दौरान जमीन और निर्माण कार्य से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई.
पुलिस ने कई स्टांप पेपर और दस्तावेज जब्त किए हैं. एक हस्ताक्षर किया हुआ स्टांप पेपर भी मिला है, जिसे पुलिस संदिग्ध मान रही है. पुलिस अब जब्त दस्तावेजों की जांच कर रही है.
विधायक अमित कुमार रानू दिल्ली गए
मामले में विधायक अमित कुमार रानू को भी नामजद किए जाने की जानकारी सामने आई है. पुलिस की कार्रवाई के बीच विधायक के दिल्ली चले जाने की बात कही जा रही है. पुलिस मामले में उनकी भूमिका से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
पुलिस का कहना है कि जमीन विवाद से जुड़े सभी मामलों, नामजद आरोपितों, आर्थिक लेनदेन और संपत्ति की जांच एक साथ की जा रही है. जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
मुजफ्फरपुर से मनोज कुमार की रिपोर्ट





