Bihar News: दिल्ली से पटना तक छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर बिहार में सियासत गर्म हो गई है। बिहार विधानमंडल के दोनों ही सदनों में विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है। बिहार विधानसभा के साथ साथ विधान परिषद में भी लाठीचार्ज को लेकर माहौल गर्म है। लाठीचार्ज के खिलाफ आरजेडी सदस्य ने सदन में कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया और सरकार से इसपर चर्चा कराने की मांग की। जिसको लेकर सदन में खूब हंगामा हुआ।
आरजेडी एमएलसी अब्दुल बारी सिद्दीकी ने सदन में लाठीचार्ज को लेकर कहा कि 1974 में जो आंदोलन हुआ था वह किसी राजनीतिक दल का आंदोलन नहीं था, कुछ इसी तरह का माहौल पूरे देश में हो गया है। आरजेडी सदस्य की इस बात का सत्ताधारी दल के एमएलसी ने विरोध किया। जिसके बाद आरजेडी विधान पार्षद सुनील सिंह सदन में खड़े हो गए और सत्ताधारी दल के सदस्य को चुप रहने की नसीहत दी।
इसके बाद विचार को दबाने की नीति और सिद्धांत उसी का है जो तानाशाही के तरफ जा रहा है, हमलोगों कभी किसी भी सदस्य की अवाज को दबाने की कोशिश नहीं करते हैं। इसके बावजूद सत्ताधारी दल के सदस्य मानने को तैयार नहीं थे, तब अब्दुल बारी सिद्दीकी ने सभापति से कहा कि आपका संरक्षण चाहिए।
अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि 1974 का जो छात्र आंदोलन था वही आंदोलन फिर से पूरे देश में होने जा रहा है और हो रहा है। जिस तरह से छात्रों पर लाठीचार्ज, उन्हें मारना और जेल भेजना, एक दिन आपको भी जेल में ठूसा जाएगा, किसी भ्रम में मत रहिए। हमने अपने अधिकार के तहत कार्य स्थगन लाया है आप सत्ता में हैं तो आप खारिज कर दीजिए।
जिसपर डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने कहा कि प्रस्ताव तो बहुमत से खारिज किया जाता है, यह तो सभापति का विशेषाधिकार है। हम आपके समर्थन में तभी तक है जब आप भी नियम का पालन करिएगा। कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने का अधिकार सिर्फ सभापति को होता है।





