ब्रेकिंग
कौन हैं IAS अधिकारी वर्षा सिंह?... जो पूरी रात खटिया पर बैठकर कराती रहीं बांध की मरम्मत, Video वायरल✦Train Cancelled: बिहार-झारखंड के रेल यात्रियों पर बड़ा असर! अक्टूबर से दिसंबर तक कई दिन नहीं चलेगी MEMU ✦भोज खाने निकले युवक को बुलाकर मारी गोली, बदमाशों ने बैक-टू-बैक दाग दी तीन गोलियां✦Bihar MLC Election 2026 : अनंत सिंह बनाम नीरज कुमार विवाद की पूरी कहानी: 2015 से 2026 तक ऐसे बढ़ती गई JDU के दो नेताओं की अदावत, अब ललन सिंह के हाथ में सुलझाने की जिम्मेदारी✦कम कमाई से परेशान फर्नीचर कारीगर बना बाइक चोर... दोस्त के साथ मिलकर शुरू किया चोरी का धंधा, 2 गिरफ्तार✦कौन हैं IAS अधिकारी वर्षा सिंह?... जो पूरी रात खटिया पर बैठकर कराती रहीं बांध की मरम्मत, Video वायरल✦Train Cancelled: बिहार-झारखंड के रेल यात्रियों पर बड़ा असर! अक्टूबर से दिसंबर तक कई दिन नहीं चलेगी MEMU ✦भोज खाने निकले युवक को बुलाकर मारी गोली, बदमाशों ने बैक-टू-बैक दाग दी तीन गोलियां✦Bihar MLC Election 2026 : अनंत सिंह बनाम नीरज कुमार विवाद की पूरी कहानी: 2015 से 2026 तक ऐसे बढ़ती गई JDU के दो नेताओं की अदावत, अब ललन सिंह के हाथ में सुलझाने की जिम्मेदारी✦कम कमाई से परेशान फर्नीचर कारीगर बना बाइक चोर... दोस्त के साथ मिलकर शुरू किया चोरी का धंधा, 2 गिरफ्तार

वैष्णो देवी के दर्शन को गये 300 बिहारी श्रद्धालु लॉकडाउन में फंसे, सरकार से घर पहुंचाने की लगायी गुहार

PATNA : कोरोना के मद्देनजर पूरे देश में किए लॉकडाउन का असर दिखने लगा है। जो जहां थे वहीं फंसे पड़े हैं। ऐसे में खबर है कि बिहार के माता वैष्णो देवी के दर्शन को पहुंचे श्रद्धाल

FirstBihar
Anurag Goel
2 मिनट

PATNA : कोरोना के मद्देनजर पूरे देश में किए लॉकडाउन का असर दिखने लगा है। जो जहां थे वहीं फंसे पड़े हैं। ऐसे में खबर है कि बिहार के माता वैष्णो देवी के दर्शन को पहुंचे श्रद्धालु जम्मूतवी में फंस गये हैं। फंसे लोगों ने सरकार से उन्हें घर पहुंचाने की गुहार लगायी है।


बिहार से 300 की संख्या में श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन को  14 मार्च को निकले थे।  लौटने के क्रम में 22 मार्च के बाद से ही ये सभी वहां फंसे हुए हैं।  ये सभी नवरात्रि से पहले माता रानी के दर्शन के लिए गए थे, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा पूरे देश मे लगाए गए लॉकडाउन में लौटते वक्त फंस गए है।


लॉकडाउन वजह से इन श्रद्धालुओं को लौटने के लिए कोई भी ट्रेन और बस में नहीं मिली जिसकी वजह से उन्हें जम्मूतवी में ही शरण दिया गया है। जम्मू सरकार द्वारा इनके लिए शिविर में ही खाने पीने की व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद बच्चे, बूढ़े , महिलाएं घर वापस लौटना चाहते हैं। इनके पास पैसे भी खत्म हो चुके हैं। 


टैग्स