PATNA : यदि सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन और बिहार के विभागीय मंत्री मंगल पांडे को पद से हटाने की मांग रखी है। एकदिवसीय धरने पर बैठे मांझी ने कहा है कि सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए चमकी बुखार से मरने वाले बच्चों के हर परिवार को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देना चाहिए।
जीतन राम मांझी ने बिहार में गिरती कानून व्यवस्था को लेकर नीतीश सरकार को जमकर खरी-खोटी सुनाई है। मांझी ने कहा है कि बिहार में कानून का राज खत्म हो चुका है और सरकार मैं बैठे लोग केवल सत्ता भोग में लगे हैं।
जीतन राम मांझी ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि एसकेएमसीएच में जो नरकंकाल मिले वह चमकी बुखार से मरे बच्चों के थे। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले आनन-फानन में बच्चों का शव जलाया गया। हम के एक दिवसीय धरना कार्यक्रम में जीतन राम मांझी के अलावा प्रदेश अध्यक्ष बीएल वैश्यन्त्री, पूर्व विधायक अनिल कुमार, एमएलसी संतोष सुमन और प्रवक्ता दानिश रिजवान के अलावे अन्य नेता कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
मंगल पांडेय और हर्षवर्धन के इस्तीफे पर अड़े मांझी, AES से मरे बच्चों के परिवार के लिए 10 लाख का मुआवजा मांगा
PATNA : यदि सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन और बिहार के विभागीय मंत्री मंगल पांडे को पद से हटाने की मांग रखी है।

