PATNA: राजधानी के बिहार वेटनरी युनिवर्सिटी में एशिया का पहला वर्चुअल डिसेक्शन टेबल लगाया गया है. एनिमल साइंस के क्षेत्र में पूरे भारत ही नहीं बल्कि पूरे एशिया भर में यह मशीन पहली बार बिहार में लगायी गयी है. इसे बिहार वेटनरी कॉलेज के शरीर संरचना विभाग में लगाया गया है.
मशीन लगाए जाने के बाद युनिवर्सिटी के कुलपति रामेश्वर सिंह ने बताया कि इस तकनीक से जानवरों के शरीर संरचना और उनकी सर्जरी को समझने में आसानी होगी. उन्होंने कहा कि यह उपकरण मेडिकल एजुकेशन के क्षेत्र के लिए बहुपयोगी है.
इस मौके पर उन्होंने कहा कि इलाज के क्षेत्र में वर्चुअल डिसेक्शन की अपनी उपयोगिता है. उन्होंने शिक्षकों और छात्रों से इस यंत्र का भरपूर उपयोग करने की सलाह दी. वर्चुअल डिसेक्शन टेबल में टच स्क्रीन मॉनिटर लगे होते है जिसमें डिसेक्शन के लिए सॉफ्टवेयर इनस्टॉल किया गया है, साथ ही इनमें सभी जानवरों के बॉडी एटलस और डिटेल्स को थ्री डी में फीड किया गया है, जो पशुओं के शरीर रचना की जानकारियों का भंडार है.
इस मशीन में सभी शरीर के अंगो की डाटा थ्री डी में उपलब्ध है जिसे किसी भी एंगल में, किसी भी दिशा में रखकर देखा जा सकता है और अध्ययन किया जा सकता है। किसी भी जानवर के बॉडी एटलस के साथ उसे एक टच के जरिये हम काट सकते हैं, विच्छेदन कर सकते हैं और शरीर से जुडी तमाम छोटी-बड़ी चीज़ों का विस्तृत अध्ययन कर सकते हैं.
पटना से राहुल सिंह की रिपोर्ट
बिहार वेटनरी युनिवर्सिटी में लगा एशिया का पहला वर्चुअल डिसेक्शन टेबल, जानवरों के इलाज में अब होगी आसानी
PATNA: राजधानी के बिहार वेटनरी युनिवर्सिटी में एशिया का पहला वर्चुअल डिसेक्शन टेबल लगाया गया है. एनिमल साइंस के क्षेत्र में पूरे भारत ही नहीं बल्कि पूरे एशिया भर में यह मशीन पहली बार

