विधानसभा अध्यक्ष से पुलिसिया बदसलूकी पर सरकार का ठहाका ? स्पीकर ने मुख्य सचिव-DGP को बुलाया था, दोनों ठहाके मारते चेंबर से निकले

विधानसभा अध्यक्ष से पुलिसिया बदसलूकी पर सरकार का ठहाका ? स्पीकर ने मुख्य सचिव-DGP  को बुलाया था, दोनों ठहाके मारते चेंबर से निकले

PATNA : अपने गृह जिले में पुलिस की बदसलूकी से खफा बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा एक दारोगा पर भी कार्रवाई नहीं करा पा रहे हैं. विधानसभा अध्यक्ष ने अपने साथ हुई बदतमीजी से खफा होकर बिहार के आलाधिकारियों को तलब किया था. दो बार की नोटिस के बाद आज सूबे के मुख्य सचिव औऱ डीजीपी उनके कक्ष में मिलने पहुंचे. विधानसभा अध्यक्ष आहत थे लेकिन उनके कमरे से बाहर निकले मुख्य सचिव औऱ डीजीपी के बॉडी लैंग्वेज ने बता दिया कि सरकार कितनी गंभीर है. सरकार के दोनों अधिकारी स्पीकर के चेंबर से ठहाके मारते बाहर निकले.


पहले पूरा मामला समझिये

दरअसल बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा लखीसराय से विधायक हैं. सरस्वती पूजा के मौके पर लखीसराय के कुछ स्थानों पर ऑर्केस्ट्रा का आयोजन किया गया था. ऑर्केस्ट्रा के दौरान कुछ लोगों ने हथियार का प्रदर्शन करते हुए बार बालाओं के साथ जमकर ठुमके लगाए औऱ पैसे बरसाये थे. इसका वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी पड़ी. फिर पुलिस ने दो ऐसे लोगों को गिरफ्तार कर लिया जो सिर्फ ऑर्केस्ट्रा देखने के लिए गए थे. आरोप है कि दोनों से जबरन जुर्म कबूल करने को कहा गया फिर पैसे देकर जमानत लेने का भी दबाव डाला गया.


विधानसभा अध्यक्ष के बुलाने पर नहीं आये एसपी

स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत विधानसभा अध्यक्ष से की थी. विधानसभा अध्यक्ष इससे नाराज हो गये. उन्होंने लखीसराय के एसपी को तलब किया लेकिन एसपी ने उनका नोटिस नहीं लिया. दरोगा औऱ डीएसपी विधानसभा अध्यक्ष के सामने हाजिर हुए. अध्यक्ष ने दोनों को फटकार लगाते हुए मामले की सही जांच करने और दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.


विशेषाधिकार हनन की नोटिस का भी नोटिस नहीं लिया 

इस पूरे वाकये के बाद भाजपा विधायक संजय सरावगी और ललन कुमार ने लखीसराय के दो थानेदार और डीएसपी के खिलाफ विधानसभा में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया. बीजेपी के दोनों विधायकों ने ये नोटिस लखीसराय डीएसपी रंजन कुमार और बड़हिया थानेदार दिलीप कुमार और विरूपुर थानेदार संजय कुमार सिंह  के खिलाफ लाया है. पिछले सोमवार यानि 21 फरवरी को विशेषाधिकार हनन के मामले पर विधानसभा में बिहार के मुख्य सचिव और डीजीपी को तलब किया गया था. दोनों अधिकारियों ने खबर भिजवा दिया कि वे मुख्यमंत्री के जनता दरबार के कारण व्यस्त हैं लिहाजा विधानसभा में नहीं आ सकते.


आज पहुंचे अधिकारियों का ठहाका

बिहार विधानसभा का सत्र आज से शुरू हुआ. बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी और डीजीपी एसके सिंघल सत्र के पहले दिन विधानसभा पहुंचे थे. विशेषाधिकार हनन के मामले में दोनों अधिकारियों को पहले से ही पेश होने का निर्देश था. लिहाजा आज दोनों अधिकारी विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष में पहुंचे. कक्ष के अंदर विधानसभा अध्यक्ष ने उनसे क्या कहा, इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गयी. लेकिन बाहर निकले दोनों अधिकारियों ने बता दिया कि विधानसभा अध्यक्ष से बदसलूकी पर सरकार कितनी गंभीर है. मीडिया के कैमरे में कैद है कि स्पीकर के कमरे से बाहर निकलने के बाद बिहार के मुख्य सचिव औऱ डीजीपी ठहाके मारते हुए जा रहे थे. 


जो हुआ सब अच्छा हुआ

हंसते हुए जा रहे बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी से मीडिया ने पूछा-विशेषाधिकार समिति की बैठक में क्या हुआ. मुख्य सचिव बोले-जो हुआ सब अच्छा हुआ, ठीक-ठाक हुआ. मैं आभारी हूं. उधर डीजीपी ने कहा-सारा मामला जांच में है. मैं अभी कुछ नहीं बोलूंगा. दोनों अधिकारियों की एक-एक लाइन की प्रतिक्रिया ने संकेत दे दिया कि विधानसभा अध्यक्ष से बदसलूकी के मामले में आगे क्या होने जा रहा है.


गौरतलब है कि आज ही एनडीए विधायक दल की बैठक थी. बीजेपी के विधायकों ने जोर शोर से अफसरशाही के बेलगाम होने का मसला उठाया. लेकिन जहां विधानसभा अध्यक्ष का ही ये हाल हो वहां विधायकों का क्या हाल होगा ये बताने की जरूरत नहीं है.