1st Bihar Published by: First Bihar Updated Oct 19, 2023, 12:35:10 PM
- फ़ोटो
PATNA : चौथे कृषि रोडमैप को भाषणों के जरिए हमने सुना है। इसकी प्रति हमने विभाग से मांगी है। मिलने के बाद देखेंगे कि चौथे कृषि रोडमैप में पिछले तीन कृषि रोडमैप से क्या अंतर है। इसके आधार पर हमलोग बता पाएंगे कि यह कितना सफल हो पाएगा या जिन लक्ष्यों की तरफ बढ़ना था वो लक्ष्य निर्धारित है कि नहीं। यह बातें बिहार सरकार के पूर्व कृषि मंत्री और तेजस्वी विधायक सुधाकर सिंह ने कही है।
दरअसल, राजद विधायक से जब पत्रकारों ने चौथे कृषि रोड मैप को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि - आज अगर बिहार में किसानों की आमदनी की तुलना पंजाब के किसानों से की जाए तो उनके मुकाबले 3.5 से चार गुणा कम है। बिहार में एमएसपी पर खरीद नहीं है। आप मंडी कानून की बात नहीं कर रहे हैं। मंडी नहीं होने से किसानों को कोई लाभ नहीं हो रहा है। हमारा पलायन होता रहेगा। राज्यपाल से पहले मैं यह सब बातें कह चुका हूं। मेरी बातों को राज्यपाल ने कल सत्यापित किया है।
मालूम हो कि, इससे पहले राज्यपाल ने कहा कि चौथा कृषि रोडमैप कागजों तक ही न रह जाए। किसानों तक भी पहुंचे। नीतीश कुमार ने भी उनसे कहा कि आप घूमकर देखिए कहीं गड़बड़ लगता है तो संबंधित विभाग को बताइए। इस पर सुधाकर सिंह ने कहा कि - राज्यपाल के पास सीधे-सीधे कोई जानकारी लेने का तरीका नहीं है। जो सरकार दस्तावेज उनके सामने प्रस्तुत करती है वो वही देख पाते हैं। सवाल यह है कि पिछले तीन कृषि रोडमैप जो रहे उसको लेकर बिहार के लोगों के मन में शंका है। आपने लागू ठीक से नहीं किया। हमने खर्च किया कि उत्पादन बढ़े, आय बढ़े, उत्पादक बढ़े, वो तमाम लक्ष्य विफल रहे।